उन्नाव। माखी थानाक्षेत्र में 12 साल पहले हुई युवक की हत्या में न्यायालय ने मृतक की पत्नी, ससुर, साले और सरहज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
आसीवन थानाक्षेत्र के मोहल्ला बिनोवा नगर रसूलाबाद निवासी रामप्रसाद ने न्यायालय के माध्यम से थाना माखी में भाई राम सिंह की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने राम सिंह की पत्नी, सास, ससुर, साला व सरहज को नामजद किया था। आरोप था कि राम सिंह की वर्ष 2012 में भदेसा गांव निवासी नान्हू की बेटी रूबी से शादी हुई थी। शादी के बाद रूबी ज्यादातर अपने मायके में रहती थी। 12 अक्तूबर 2013 को भाई पत्नी को विदा कराने ससुराल गया था। उसके ससुर ने खेती का काम चलने के कारण दो-तीन दिन रुकने के लिए कहा।
17 अक्तूबर 2013 की देर रात गांव के संजय को किसी बाहरी व्यक्ति ने बताया कि राम सिंह की उसके ससुराल वालों ने हत्या कर दी है। इस पर अगले दिन सुबह वह (रामप्रसाद) भाई राम सिंह की ससुराल पहुंचा तो भाई छत पर मृत मिला था। मौत का कारण पूछने पर सास, ससुर, साले ने कुछ नहीं बताया। जबकि शव देखकर भाई को कोई जहर खिलाने और गला दबाकर हत्या करने का अंदेशा हुआ। माखी थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया।
रामप्रसाद ने पुलिस को बताया था कि गांव वालों से उसे पता चला कि रूबी एक लड़के के साथ मोटरसाइकिल से बाजार गई थी। राम सिंह ने देखा और विरोध किया तो विवाद बढ गया। ससुर नान्हू, सास, साला संतोष, संतोष की पत्नी निशा व रूबी ने रात में नशीला पदार्थ खिलाने के बाद गला दबाकर राम सिंह की हत्या कर दी। उसने 18 अक्तूबर को माखी थाने में तहरीर दी लेकिन रिपोर्ट नहीं दर्ज हुई। उसने न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया, जिसके बाद कोर्ट ने पुलिस को एफआईआर दर्ज कर जांच के आदेश दिए थे।
रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने 29 सितंबर 2015 को सभी आरोपियों को जेल भेज दिया था। मुकदमे की विवेचना तत्कालीन एसआई अवनीश यादव ने की थी और आठ अक्तूबर 2015 को आरोप पत्र दाखिल किया था। मुकदमा लंबे समय से फास्ट ट्रैक कोर्ट में विचाराधीन था। शनिवार को सुनवाई पूरी हुई। न्यायाधीश स्वतंत्र प्रकाश ने पत्नी रुबी, नान्हू, संतोष व निशा को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।