लखनऊ-कानपुर रेलमार्ग पर कुसुंभी व अजगैन स्टेशन के बीच बुधवार को चालक की मुस्तैदी से पुखरायां जैसा हादसा होते बच गया। यहां पर ज्वाइंट खुलने से टूटी पटरी पर उत्सर्ग एक्सप्रेस धड़धड़ाते गुजर रही थी। तभी पटरियों से तेज आवाज के संदेह होने पर चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। ट्रेन रुकने पर उतरे यात्रियों ने जब पटरी की हालत देखी तो उनके होश उड़ गए। सूत्रों की मानें तो ज्वाइंट खुलने की शिकायत पर गैंगमैन को इसकी मरम्मत के लिए भेजा गया था, तभी अचानक ट्रेन आ गई तो वह भाग खड़ा हुआ। ट्रेन खुले ज्वाइंट पर चढ़ गई। इससे पटरी टूट गई। लोगों के अनुसार इसमें गैंगमैन भी ट्रेन की चपेट में आने से बच गया।
हुआ ये कि बुधवार सुबह करीब नौ बजे गैंगमैन आनंद कुमार कुसुंभी व अजगैन रेलवे स्टेशन के पास एक किमी पहले हिंदूखेड़ा गांव के पास खंभा नंबर 35/3 पर पटरियों के ज्वाइंट की मरम्मत कर रहा था। तभी करीब 9:07 बजे टाटा छपरा मेल (उत्सर्ग एक्सप्रेस) लखनऊ से कानपुर की ओर जा रही थी। ट्रेन को आते देख गैंगमैन वहां से भाग खड़ा हुआ और ट्रेन खुले ज्वाइंट से गुजरने लगी। इस दौरान गैंगमैन ट्रेन की चपेट में आने से बचा। इस बीच ट्रेन के करीब आधा दर्जन कोच खुले ज्वाइंट से गुजर गए। अचानक पटरी भी टूट गई।
पटरी टूटने का अहसास होने पर चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। ट्रेन रुकने पर उतरे यात्रियों ने जब टूटी पटरी देखी तो लोगों के होश उड़ गए। इसके बाद हादसे की सूचना विभागीय अफसरों को दी गई। पटरी टूटने की सूचना पर अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई। सभी आननफानन में मौके पर पहुंचे और पटरी की मरम्मत का काम किया। इसके बाद करीब 10:08 बजे ट्रेन को कानपुर की ओर रवाना किया गया। इस बारे में लखनऊ मंडल के डीआरएम सतीश कुमार ने कहा कि रेल फ्रैक्चर की सूचना मिली थी। चालक ने इमरजेंसी ब्रेक के सहारे समय रहते ट्रेन को रोक दिया। कर्मचारियों ने ट्रैक की मरम्मत कर यातायात सुचारु कर दिया है।
झटके से सहम गए यात्री
नवाबगंज। उत्सर्ग एक्सप्रेस में सफर कर रहे लखनऊ के गोमती नगर निवासी एमएल अरोरा ने बताया कि लखनऊ से छूटने के बाद ट्रेन अपनी स्पीड में चल रही थी। तभी कुसुंभी स्टेशन पहुंचने के बाद ट्रेन में जोर का झटका लगा और ट्रेन रुक गई। ट्रेन रुकते ही लोग नीचे उतरने लगे। बाद में पता चला की पटरी टूटी थी। सब कुछ ठीकठाक होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। कानपुर के अनवरगंज निवासी राहत अली ने कहा कि चलती ट्रेन में अचानक झटका लगा और तेज आवाज के साथ ट्रेन रुक गई। इसके बाद सभी ने राहत की सांस ली।
याद आ गया पुखरायां
नवाबगंज। पुखरायां रेल हादसे के समय इंदौर-पटना एक्सप्रेस में मौजूद रहे उरई निवासी अजय कुमार ने कहा कि उस हादसे में वह बाल-बाल बचे थे। ट्रेन में उसी तरह की आवाज सुन एक बार लगा कि अब काम खत्म हो गया। लेकिन जब ट्रेन झटके के साथ रुक गई तो जान में जान आई।
ड्राइवर साहब धन्यवाद
नवाबगंज। ट्रेन हादसा बच जाने से इसमें सवार बड़ी संख्या में यात्री चालक के पास पहुंचे और बोले ड्राइवर साहब थैंक्स। सभी ने ट्रेन चालक की तारीफ करते हुए कहा कि अगर उनकी सूझबूझ न होती और समय से वह ट्रेन को न रोकते तो बड़ा हादसा हो जाता।
फोटो नंबर-21-उन्नाव जंक्शन स्थित जीआरपी थाने में डीजी कंट्रोल को घटना की जानकारी देते एसपी जीआरपी।
जांच करने पहुंचे जीआरपी कप्तान
उन्नाव। हादसे की सूचना मिलते ही लखनऊ स्थित रेलवे हेड क्वार्टर के टेलीफोन की घंटी बजने लगीं। वहीं इसकी सूचना जीआरपी मुख्यालय में भी पहुंची तो डीजी कंट्रोल से एसपी जीआरपी विनय कुमार को मौके पर पहुंचकर जांच करने का निर्देश दिया। एसपी ने पूरे घटनाक्रम से डीजी कंट्रोल को अवगत कराया और मातहतों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए।