हालत है कि जहां पहले पैचवर्क कराया जा चुका है उसके पास ही नई जगह सड़क फट रही है।
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कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की सड़क शुक्रवार को और सात जगह बैठ गई। हालत है कि जहां पहले पैचवर्क कराया जा चुका है उसके पास ही नई जगह सड़क फट रही है। वहीं आजाद मार्ग से बनी टोल तक 28 और स्थानों पर जर्क हो गए हैं। शुक्रवार को एनएचएआई के नवागत पीडी नवरतन ने ग्रीन फील्ड क्षेत्र में 45 किलोमीटर का निरीक्षण किया। वह तीन घंटे तक एक्सप्रेसवे पर रहे।
वहीं एनआईटी की टीम ने 18 अलग-अलग स्थानों से सड़क, मिट्टी और कंक्रीट के सैंपल लिए। रविवार को धंसी 200 मीटर सड़क की छठे दिन मरम्मत पूरी हो गई, हालांकि अभी इसपर यातायात शुरू नहीं किया गया और भारी वाहनों के आवागमन पर लगातार दूसरे दिन रोक रही। निर्माण में हुई लापरवाही और जगह-जगह धंस रही सड़क, मुसाफिरों के लिए मुसीबत बनी है। लोकार्पण के 17वें दिन से ही दम तोड़ने लगी कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की सड़क अब तक 53 जगह धंस चुकी है।
भ्रष्टाचार के कारण धंसा एक्सप्रेसवे
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे लगभग 63 किलोमीटर लंबा है और इसकी लागत चार हजार करोड़ रुपये से अधिक है। निर्माण के बाद ही सड़क जगह-जगह से धंस गई, जोकि भ्रष्टाचार का नमूना है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे 90 किलोमीटर सड़क पर सात हजार करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि यह महज फोरलेन की सड़क है। आज भी लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे जैसा बेहतर एक्सप्रेसवे देश में दूसरा नहीं है।