उन्नाव जिल में एसडीएम बांगरमऊ को आईएसओ सर्टिफिकेट देते संगठन के पदाधिकारी।
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बांगरमऊ(उन्नाव)। सेवाओं की जवाबदेही तय करके आम जनता को सहूलियतें देने में आईएएस एसडीएम अक्षत वर्मा के प्रयासों को अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण संगठन (आईएसओ) ने सराहा है। संगठन के पदाधिकारियों ने सोमवार को तहसील कार्यालय पहुंचकर एसडीएम को आईएसओ सर्टिफिकेट सौंपा।
2017 बैच के आईएएस अक्षत वर्मा को जिला प्रशासन ने ट्रेनिंग के दौरान एसडीएम के रूप में 14 अक्तूबर 2019 को बांगरमऊ तहसील की कमान सौंपी थी। करीब छह माह के कार्यकाल में अक्षत वर्मा ने तहसील का कायाकल्प कर दिया। एसडीएम ने बताया कि अभी तक आईएसओ संस्था निजी प्रोडक्ट की ही गुणवत्ता व सर्विस की जांच के बाद प्रमाणपत्र देती थी। अब सरकारी सेवाओं की भी गुणवत्ता की जांच शुरू की है। संगठन के पदाधिकारी 3-4 माह से तहसील सेवाओं का रिव्यू कर रहे थे। इस दौरान सर्विस डिलीवरी की गुणवत्ता, आधारभूत संरचनाओं की सुदृढ़ता आदि की जांच के बाद सर्टिफिकेट जारी किया। बताया कि जनपद में मात्र बांगरमऊ तहसील को ही यह प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है। संगठन हर साल सेवाओं की रिव्यू करता है। ऐसे में अब उनकी जिम्मेदारी इन व्यवस्थाओं को आगे भी बनाए रखने की होगी।
एसडीएम ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों व कर्मचारियों तक जनता की आसानी से पहुंच सुनिश्चित कराने के लिए तहसील परिसर में घुसते ही एक बड़ा सा बोर्ड लगवाया है। इसमें अधिकारियों, लेखपालों व कर्मचारियों के मोबाइल और उनके कक्ष का नंबर लिखा हुआ है। लोग संबंधित कर्मचारी के कक्ष में जा सकते हैं या फोन पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा तहसील आने वाले लोगों को वरासत, दाखिल-खारिज के लिए भटकना न पड़े इसके लिए आवेदन से लेकर प्राप्ति तक की पूरी प्रक्रिया को लिखवाया गया है।
तहसील में वाटरकूलर की व्यवस्था है। किसी भी प्रकार की फाइलों को खोजने के लिए कर्मचारियों की माथापच्ची समाप्त कराने के लिए रैक की व्यवस्था कराई गई। सभी रैक में संबंधित फाइलों के नाम लिखे गए हैं। जिससे फाइलों की खोजबीन आसानी से हो जाती है। एसडीएम ने बताया कि फरियादियों से कहा गया है कि यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी कार्य करने में आनाकानी करे या पैसे की मांगे करे तो सीधे उनसे आकर शिकायत करें। इसके अलावा बांगरमऊ तहसील परिसर में साफ-सफाई ऐसी कि इसे देख सरकारी कार्यालय होने का आभास नहीं होता।