उन्नाव/चकलवंशी। जून में गंगा एक्सप्रेसवे के प्रस्तावित शिलान्यास को लेकर तेजी आई है। शुक्रवार को यूपीडा के डिप्टी कलक्टर ने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियोें के साथ एक्सप्रेसवे के लिए प्राइवेट संस्था द्वारा किए गए एलाइमेंट (संरेखण) को देखा और भूमि चिह्नित करने की कार्रवाई शुरू की।
योगी सरकार का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेसवे 594 किमी लंबा होगा। यह मेरठ से प्रयागराज के बीच बनेगा। एक्सप्रेसवे जनपद की सफीपुर तहसील के 19, हसनगंज के 11, सदर के 14, पुरवा के तीन और बीघापुर के 19 गांव से होते हुए रायबरेली जनपद को जाएगा। जिले में गंगा एक्सप्रेसवे की लंबाई 105 किमी होगी। प्रदेश सरकार ने इसके निर्माण की जिम्मेदारी यूपीडा को को दी है। पहले चरण में यूपीडा ने भूमि अधिग्रहण के लिए जिला प्रशासन को 35 करोड़ रुपये जारी किए थे।
अब अधिग्रहण से पहले एलाइमेंट की प्रगति का जायजा लेने शुक्रवार को यूपीडा के डिप्टी कलक्टर एसके वर्मा हसनगंज तहसील के गांव बिरसिंहपुर पहुंचे। यहां उन्होंने एडीएम वित्त/राजस्व राकेश कुमार सिंह और हसनगंज तहसीलदार निधि पांडेय के साथ एक्सप्रेसवे के लिए प्रस्तावित एलाइमेंट की जानकारी ली।
उन्होंने पवई और मझखोरिया गांव के पास से निकल रही सेंट्रल लाइन की नापजोख कराई। लाइन के दोनों तरफ सात मीटर का एलाइमेंट जांचा। प्रभारी भूमि अध्याप्ति अधिकारी आत्मप्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि सेंट्रल लाइन की नापजोख सही पाई गई है। यूपीडा के डिप्टी कलक्टर ने इसे हरी झंडी दे दी है। अब यूपीडा की ओर से जिस निजी संस्था को गांवों का एलाइमेंट पूरा करने की जिम्मेदारी दी है। वह जल्द ही काम पूरा करके अपनी रिपोर्ट देगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
यह होगी खासियत
-6 लेन का होगा गंगा एक्सप्रेस वे
-भविष्य में आठ लेन तक बढ़ाने की योजना
-एक्सप्रेसवे की ऊंचाई आठ से 10 मीटर
-दोनों तरफ के लेन की चौड़ाई लगभग 130 मीटर
-76 गांवों की 1314 हेक्टेअर जमीन का होगा अधिग्रहण
-70-80 हजार किसानों को सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा
-भूमि अधिग्रहण पर खर्च होंगे 700 से 800 करोड़ रुपये (अनुमानित)
-पहली किस्त के रूप में अभी तक प्रशासन को मिले हैं 35 करोड़