उन्नाव। जनसूचना आयुक्त से सुनवाई के दौरान एक युवक ने अभद्रता कर दी। पुलिस से उसे हिरासत में ले लिया। इस दौरान 127 मामलों की सुनवाई के दौरान 119 मामलों को निस्तारण हुआ। सबसे अधिक मामले शिक्षा व पुलिस और राजस्व विभाग के रहे।
बुधवार को जन सूचना आयुक्त अरविंद कुमार विष्ट कलेक्ट्रेट स्थित पन्नालाल हाल में जिले के जन सूचना अधिकार अधिनियम 2005 से संबंधित वादों की सुनवाई कर रहे थे। नगर पंचायत ऊगू निवासी सुशील कुमार उर्फ राजू ने नगर पंचायत से संबंधित सूचना न मिलने पर अपनी आपत्ति जनसूचना आयुक्त के सामने दर्ज कराई। जनसूचना आयुक्त ने अधिकारियों से जल्द से जल्द सूचना देने के लिए कहा। इसके बाद सुशील वहां से चला गया। बताते हैं कि कुछ देर बाद वह फिर एक मामले में शिकायतकर्ता के रूप में पेश हो गया। जनसूचना आयुक्त ने जब पूछा कि एक ही सूचना को दो नामों से क्यों मांगा तो वह उलझ गया और अभद्रता करने लगा। इस पर वहां पर मौजूद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। कई घंटे बाद उसे छोड़ दिया गया।
इसके बाद एक वाद की सुनवाई के दौरान किसान रामकुमार की ट्रैक्टर से संबंधित शिकायत की जांच एआरटीओ को करने के निर्देश राज्य सूचना आयुक्त ने दिए। मौरावां थाने के मवई निवासी भगवानदीन के राजस्व संबंधी, शहर के मोहम्मद शुऐब का राज्य के मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की सुनवाई की।
बीघापुर निवासी शिवदास शास्त्री, सफीपुर के पेसारी गांव निवासी तारा सिंह ने शिक्षा विभाग, आसीवन के शिवशंकर ने पुलिस संबंधी वादों की सुनवाई दोनों पक्षों के सामने हुई। सबसे ज्यादा मामले बीएसए, डीआईओएस, सप्लाई विभाग, पुलिस के रहे। इस दौरान 127 वादों की सुनवाई हुई और उसमें 119 वादों को निस्तारण किया गया। शेष आठ मामलों से संबंधित पक्षों को गुरुवार को बुलाया गया है।
अतिरिक्त मजिस्ट्रेट विजय शंकर दुबे ने बताया कि वादों की सुनवाई के दौरान एक युवक ने राज्य सूचना आयुक्त से अभद्रता कर दी थी। जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया था लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया। इस दौरान डीडीओ एनवी सविता, मनरेगा उपायुक्त राजेश मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी ओपी मिश्रा, ईओ नगर पालिका रोली गुप्ता के अतिरिक्त पुलिस,राजस्व, वन, नगर निकाय के अधिकारी मौजूद रहे।