उन्नाव। अभी तक पिछड़े जिलों में शुमार होने वाला उन्नाव, अब औद्योगिक विकास के क्षेत्र में नए आयाम गढ़ने के रास्ते पर है। जिले से निकले तीन एक्सप्रेसवे और दो हाईवे इसकी मुख्य वजह हैं। राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर), इंडस्ट्रियल हब और औद्योगिक गलियारा (इंडस्ट्रियल काॅरिडोर) में करीब दो हजार छोटे-बड़े उद्योग, वेयर हाउस, शिक्षण संस्थान स्थापित होने की प्रक्रिया में हैं। औद्योगिक विकास से जिले के लोगों के लिए रोजगार के भी नए रास्ते खुल रहे हैं। (संवाद)
कानपुर-लखनऊ हाईवे और लखनऊ के किसान पथ के बीच इंडस्ट्रियल हब बनाया जाएगा। शासन ने यूपीसीडा के 2041 के मास्टर प्लान को मंजूरी दे दी है। इसका ज्यादातर क्षेत्र लखनऊ-कानपुर हाईवे के किनारे और पुरवा तहसील में गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ा हुआ होगा। मास्टर प्लान के तहत 30767 हेक्टेयर क्षेत्रफल में औद्योगिक क्षेत्र विकसित होगा। मेरठ से प्रयागराज तक बन रहा गंगा एक्सप्रेसवे जिले की छह तहसीलों से निकल रहा है। जिले में इसकी लंबाई 105 किलोमीटर है। इसे हाईवे से जोड़ने के लिए सोनिक के पास जंक्शन बनाया जा रहा है। वहीं, कानपुर-लखनऊ एलिवेटेड एक्सप्रेसवे (एनई-6) की कुल लंबाई 64 किमी और जिले में लंबाई 45.3 किलोमीटर है। कानपुर-लखनऊ हाईवे से जोड़ने के लिए जंक्शन बन रहा है।
वहीं, हाईवे-एक्सप्रेसवे से जुड़े बिछिया ब्लॉक के सराय कटियान में 132 हेक्टेयर में औद्योगिक गलियारा (इंडस्ट्रियल काॅरिडोर ) विकसित करने का काम शुरू हो गया है। लखनऊ और कानपुर के पास होने और एक हाईवे व दो एक्सप्रेसवे से जुड़ा होने से उन्नाव देश और विदेश की कंपनियों की पसंद बन गया है। यहां यूएई का शाही परिवार भी 4000 करोड़ रुपये से निवेश कर रहा है। वह यहां फिश हैचरी, प्रोसेसिंग प्लांट और फीड प्लांट लगाएगा। शासन ने उन्नाव के औद्योगिक गलियारे के लिए 186 करोड़ रुपये की विकास कार्ययोजना को स्वीकृति भी दे दी है। कार्ययोजना को तेजी से धरातल पर उतारने पर प्रदेश के प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह ने डीएम गौरांग राठी को प्रशंसापत्र भी दे चुके हैं।
पोलैंड की बहुराष्ट्रीय कंपनी भी लगाएगी उद्यम
पोलैंड की बहुराष्ट्रीय कंपनी कैनपैक, उन्नाव में कैन निर्माण का संयंत्र लगाएगी। इसमें शीतल पेय, एनर्जी ड्रिंक और बियर आदि के कैन बनेंगे। कंपनी 65 एकड़ में उद्योग लगाने पर 1300 करोड़ का निवेश कर रही है। पांच हजार से अधिक लोगों को रोजगार भी मिलेगा। प्लांट लगाने के लिए कंपनी को जमीन आवंटन पत्र दे दिया गया है। मांस निर्यातक ग्रुप एचएमए और दुबई की स्नैक फूडस्टफ एलएलसी कंपनी मिलकर जिले में कृषि उत्पाद पैकेजिंग उद्यम लगाने जा रही है। कंपनी 2000 करोड़ का निवेश करेगी। दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र में एचएमए ग्रुप की मांस निर्यातक इकाई है। इसकी दिल्ली, अलीगढ़ और आगरा में भी इकाइयां हैं। मांस निर्यात के साथ अब मछली, चावल आदि का भी निर्यात करेगी।
उद्यम स्थापित होने से जिले में उपलब्ध होगा रोजगार
औद्योगिक गलियारे में उद्यम स्थापित होने से जिले के लोगों को रोजगार मिलेगा। पोलैंड और यूएई सहित तीन अन्य कंपनियों ने यहां उद्यम लगाने की तैयारियां शुरू कर दीं हैं। कई अन्य कंपनियां भी जल्द ही शुरुआत करेंगी। शासन ने कॉरिडोर विकसित करने के लिए बजट स्वीकृत किया है। उससे औद्योगिक गलियारे में सड़क, नालियां, सीवर लाइन, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, इनफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, पॉवर हाउस आदि आधारभूत ढांचा तैयार किया जाएगा।
- गौरांग राठी, डीएम उन्नाव
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जिले में यह उद्यम ले रहे आकार
- आरएचएल प्रोफाइल्स लिमिटेड- 499 करोड़
- चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी इंटरनेशनल- 2000 करोड़
- राजा राव रामबक्स सिंह शिक्षा समिति- 400 करोड़
- मिर्जा इंटरनेशनल लिमिटेड- 150 करोड़
- जय जगदंबा मेटलायज लिमिटेड- 150 करोड़
- प्रसाद इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज- 650 करोड़
- एमएलएमपी फूड इंडस्ट्रीज- 100 करोड़
- वृंदावन बाटलर्स प्राइवेट लिमिटेड- 84 करोड़
- एओई एक्सपोर्ट- 60 करोड़
- इस्पेस प्राइवेट- 50 करोड़
- हिलेरी फ्लफ प्राइवेट लिमिटेड- 30 करोड़