हालांकि इस दौरान धीरज के परिजन उसके साथ थे। लड़की पक्ष के लोगों का विरोध बढ़ता देख धीरज, बबिता को लेकर लखनऊ चला गया। वहीं पर दोनों ने आर्यसमाज मंदिर में शादी की। धीरज और बबिता के प्रेम संबंध और शादी के खिलाफ शुरुआत से ही लड़की पक्ष के लोग थे। इसके उलट धीरज के परिजनों ने बबिता को अपनाने में कोई हिचक नहीं दिखाई। लड़की पक्ष के लोग आज भी विरोध में हैं। धीरज के घर आना-जाना बंद है। धीरज व बबिता दोनों खुश हैं और दोनों के एक छोटी बच्ची भी है। धीरज के मुताबिक, पिछले साल उन्होंने प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन किया था। अब अमर उजाला के माध्यम से उन्हें इस बात की जानकारी हुई है कि सरकार ने 50 हजार रुपये की धनराशि उन्हें प्रोत्साहन के रूप में दी है। बबिता और धीरज दोनों के मूल गांव दूसरे हैं। धीरज अपने ननिहाल में रहता है।