उन्नाव जंक्शन से तीन-चार किमी की दूरी पर टीकरगढ़ी गांव के पास रेलवे फाटक के पास एक ही स्थान पर तीन स्लीपर टूट गए थे। ट्रेन गुजरते समय पटरियों में अधिक जंपिंग देख वहां मौजूद लोगों ने इसकी जानकारी रेलवे अधिकारियों को दी। तीन स्लीपरों के टूटने की जानकारी होते ही रेल अफसरों के हाथ-पांव फूल गए और उन्होंने आनन-फानन कर्मचारियों को मौके पर भेजकर स्लीपरों को बदलने के आदेश दिए। कर्मचारी भी फाटक पर पहुंचे और टूटे स्लीपरों को हटाकर नए स्लीपर डालने का काम पूरा किया। वहीं इस बारे में जब सीनियर सेक्शन इंजीनियर मो. इरशाद से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि स्लीपर टूटने की सूचना गलत है। वहां पर रूटीन वर्क किया जा रहा था।