केंद्रीय बिजली योजनाओं की प्रगति जानने को बुलाई गई बैठक में सांसद द्वारा पूछे गए हर सवाल के जवाब में विभाग के अधीक्षण अभियंता (एसी) बगलें झांकते नजर आए। विद्युतीकरण और प्रदेश सरकार द्वारा इसी माह जिला मुख्यालय को 24 घंटे बिजली देने के वादे संबंधित सवालों के जवाब न दे पाने पर सांसद ने रोष व्यक्त किया और बैठक में मौजूद एडीएम से कहा कि वह इस मामले से जिलाधिकारी को जरूर अवगत करा दें। इस दौरान उन्होंने और सदर विधायक ने एजेंसियों को भी आड़े हाथों लिया।
विकासभवन सभागार में बुलाई गई बैठक की अध्यक्षता सांसद हरि साक्षी महाराज ने की। सांसद ने बैठक में मौजूद एसी एसएन शुक्ला से विद्युतीकरण से छूटे गांवों की संख्या पूछी। इसका जवाब वह नहीं दे पाए। इसी बीच किसी ने जानकारी दी कि कुछ गांवों में बारिश व तेज आंधी से खंभे टूटे हुए हैं। इसे बदलवाने के सवाल पर एसी ने कहा कि पैसा नहीं है। सांसद ने उनसे पूछा कि पैसा खत्म हो गया तो किसको इसकी जानकारी दी। क्या डीएम को बताया या उन्हें कोई पत्र भेजा। इस सवाल पर एसी कोई जवाब नहीं दे पाए। इसी बीच सांसद ने एसी से पूछा कि प्रदेश सरकार ने अक्तूबर माह से जिला मुख्यालयों को 24 घंटे बिजली देने की बात कही थी। इसका पालन होता नहीं दिख रहा है। इस सवाल पर भी एसी निरुत्तर रहे। इससे आक्रोशित सांसद ने एडीएम बीएन यादव से कहा कि वह पूरे मामले से डीएम को अवगत कराएं। अगली बैठक में ऐसा नहीं होना चाहिए। वहीं सदर विधायक के एक सवाल के दौरान एसी कुर्सी पर झूलते नजर आए तो विधायक उखड़ गए। उन्होंने कहा कि बैठक में कम से कम सही से तो बैठिए।
48 घंटे का नियम, 48 दिन में भी नहीं बदले जाते ट्रांसफार्मर
सांसद के एक सवाल के जवाब में अधिकारियों ने बताया कि खराब व फुंके ट्रांसफार्मर को बदलने के लिए 48 घंटे का समय निर्धारित है। इस पर सांसद ने कहा कि 48 घंटे छोड़िए 48 दिन में भी बिना सुविधाशुल्क लिए ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाते हैं। विभागीय अवर अभियंता ट्रांसफार्मर बदलवाने के लिए पैसे लेते हैं। एक एजेंसी के अधिकारी ने जानकारी दी कि तार कटने की एफआईआर नहीं लिखी जाती है तो सांसद ने उल्टे उनसे ही सवाल पूछा कि तार कौन काटता है। खुद उन्होंने ही जवाब देेते हुए कहा कि आप आगे तार बिछाते जाते हो पीछे आपके आदमी ही तार काटते जाते हैं। एक्यूरेट कंपनी के प्रतिनिधि को गलत ढंग से बातचीत करने पर सांसद ने उसे फटकार लगाई। विधायक पंकज गुप्ता ने सदर तहसील में पिछले तीन माह में लगाए गए खंभों की जानकारी मांगी तो वह संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका। सांसद ने एसी से कहा कि किसी भी एजेंसी का भुगतान करने से पहले उनकी अनुमति ली जाए। साथ ही एजेंसी अधिकारियों से दोटूक कहा कि चुनाव की आचारसंहिता लागू होने से पहले सभी विद्युतविहीन गांवों में खंभे लग जाएं।