सीएचसी का निरीक्षण करते अधिकारी
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बिछिया स्वास्थ्य केंद्र में गायब मिलने वाले स्टाफ का एक दिन का वेतन काटने व मौरावां में वेतन रोकने के आदेश जारी किए। इसके अलावा साफ-सफाई व्यवस्था भी दुरुस्त न मिलने पर पुरवा सीएचसी प्रभारी को फटकार लगाई। यहां मरीज भी फर्स पर लेटे मिले जिन्हें वार्ड में शिफ्ट कराया गया। चेतावनी दी कि दोबारा ऐसी स्थिति सामने न आए। इस दौरान मरीजों ने सीएमओ से बाहर से दवाएं लिखे जाने की भी शिकायत की।
सीएमओ डॉ. बीएन श्रीवास्तव सुबह ग्यारह बजे बिछिया स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां तैनात डॉ. श्रुति वर्मा 21 अप्रैल से गायब मिलीं। इसके अलावा आयुष के डॉ. ओम प्रकाश भी गायब थे। इसके अलावा बीपीएम राहुल भारती, स्टाफ नर्स प्रियंका वर्मा व कर्मचारी राकेश कुमार गायब मिले। इन सभी का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश सीएमओ ने जारी किए। इसके अलावा एएनएम मालती देवी, फार्मेसिस्ट विनोद कुमार, सुपरवाइजर बाल्मीकि व रमेशचंद्र, लैब टेक्नीशियन अवधेश कुमार व नेत्र सहायक रेनू वर्मा को देरी से आने पर चेतावनी दी। इस दौरान कोल्ड चेन, टीकाकरण की हकीकत देखी। सीएचसी प्रभारी को साफ-सफाई के निर्देश दिए।
दोपहर 12.30 बजे वह पुरवा सीएचसी पहुंचे। सबसे पहले उपस्थित पंजिका देखी। उसके बाद वह डॉ. सचान के कक्ष में पहुंचे यहां ओपीडी का निरीक्षण किया। यहां मरीज जमीन पर लेटे मिले। इस पर उन्होंने सीएचसी प्रभारी डॉ. रजनीश यादव को फटकार लगाई और वार्ड में मरीजों को शिफ्ट कराया। होम्योपैथिक अस्पताल में मरीजों ने बताया कि शीशी न लाने पर यहां दवा ही नहीं दी जाती। रसोइया सुनीता ने बताया कि उसे दो माह से मानदेय नहीं मिला है। इस पर सीएमओ ने प्रभारी चिकित्साधिकारी को मानदेय दिलाए जाने के निर्देश दिए। नेत्र कक्ष में उपकरण खराब पाए गए। नेत्र रोग विशेषज्ञ ने बताया कि लिखकर भेजा जा चुका है लेकिन अभी तक सुधार नहीं है। शौचालयों में गंदगी देख सफाई कराने के निर्देश दिए। यहां डॉ. व कर्मचारी अनुपस्थित नहीं मिले।
मौरावां स्वास्थ्य केंद्र में अधीक्षक डॉ. विक्रम कटियार बिना सूचना अनुपस्थित थे। पता करने पर स्टाफ के लोगों ने बताया कि कोर्ट केस में गए हुए हैं। इस पर सीएमओ डॉ. बीएन श्रीवास्तव ने जांच कराए जाने की बात कही। डॉ. सौरभ सोनकर 25 अप्रैल से बिना सूचना गायब मिले। क्लर्क अरविंद कुमार व एएनएम 26 अप्रैल से सीएचसी से नदारत हैं। दवा वितरण सही न देख मौजूद स्टाफ को वितरण कार्य सही कराने के निर्देश दिए। वहीं इमरजेंसी में सुधार के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिलने वाले डॉक्टरों व कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है।