अचलगंज (उन्नाव)। चार दिन पहले फैक्ट्री से लौटते समय सड़क हादसे में घायल हुए फैक्ट्री श्रमिक की कानपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद गुरुवार को परिजन शव लेकर पहुंचे और फैक्ट्री गेट पर रख दिया। ग्रामीण मृतक आश्रितों को आर्थिक मदद देने की मांग कर रहे थे।
फैक्ट्री प्रबंधक ने दो लाख रुपये आर्थिक मदद का आश्वासन देकर हंगामा शांत कराने का प्रयास किया मगर बात नहीं बनी। इसके बाद ग्रामीणों ने लखनऊ-कानपुर हाईवे पर जाम लगा दिया। सूचना पर अचलगंज और शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। काफी देर चले हंगामे के बाद फैक्ट्री प्रबंधक ने मृतक की पत्नी को तीन लाख रुपये का चेक और अंतिम संस्कार के लिए बीस हजार रुपये दिए तब जाकर ग्रामीणों ने जाम खोला। इस दौरान करीब एक घंटा तक हाईवे पर यातायात ठप रहा।
अचलगंज थानाक्षेत्र के बबुरिहा गांव का मूल निवासी रामप्रसाद (50) पुत्र गंगाप्रसाद औद्योगिक क्षेत्र बंथर स्थित मार्डन टेनरी सेकेंड में श्रमिक था। इन दिनों वह कानपुर लालबंगला में रह रहा था। बीते रविवार को वह फैक्ट्री आया था और देर शाम वापस लौटते समय हाईवे पर त्रिभुवन खेड़ा गांव के पास सड़क हादसे में घायल हो गया था। सूचना मिलने पर फैक्ट्री श्रमिकों ने उसे कानपुर के एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया था।
जहां इलाज के दौरान गुरुवार सुबह उसकी मौत हो गई। कानपुर में शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद शाम करीब पांच बजे परिजन शव लेकर फैक्ट्री पहुंचे और आर्थिक मदद की मांग करते हुए शव को फैक्ट्री के गेट पर रख दिया। सूचना पर ग्राम प्रधान बिंदेश्वरूप समेत तमाम ग्रामीण फैक्ट्री पहुंच गए। ग्रामीण मुआवजा देने की मांग करते हुए हंगामा करने लगे। हंगामा शांत कराने के लिए प्रबंधक दीपक मिश्रा ने मृतक श्रमिक की पत्नी श्यामा को दो लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की बात कही।
मगर ग्रामीण और परिजन पांच लाख रुपये की मांग पर अड़ गए। बात नहीं बनी तो ग्रामीणों और श्रमिकों ने लखनऊ-कानपुर हाइवे पर जाम लगा दिया। देखते ही देखते वाहनों की कई किमी लंबी लाइन लग गई। अचलगंज थानाध्यक्ष अरुण कुमार और शहर कोतवाली प्रभारी परशुराम त्रिपाठी मौके पर पहुंचे लोगों से रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही लेकिन परिजन रिपोर्ट दर्ज कराने के बजाए आर्थिक मदद देने की मांग करते रहे।
काफी देर तक चले हंगामे के बाद फैक्ट्री प्रबंधक ने मृतक की पत्नी को तीन लाख रुपये की चेक और अंतिम संस्कार के लिए बीस हजार रुपये दिए इसके बाद हंगामा शांत हुआ और ग्रामीणों ने जाम खोला। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि आर्थिक मदद मिलने के बाद लोगों ने जाम खोल दिया और अब हाईवे का यातायात सामान्य है।