उन्नाव/शुक्लागंज। शहर में सैकड़ों स्थानों पर होलिका दहन किया गया। लोगों ने होलिका में गन्ना भूना, उसके बाद विधि विधान से होलिका की परिक्रमा की और परिवार की सुख समृद्धि की कामना की। इसके बाद होलिका की अग्नि को घर में लाकर पूजा-अर्चना की।
गुरुवार की रात 8 बजकर 30 मिनट पर भद्रा की समाप्ति हुई। इसके बाद शहर के सैकड़ों स्थानों पर होलिका दहन किया गया। नगर के मोतीनगर तिराहे, आईबीपी तिराहा, स्टेशन रोड, छिपियाना, जुराखनखेड़ा, लोकनगर, शिवनगर, सिविल लाइन, मौहारीबाग, कब्बाखेड़ा, क्वेटा तालाब, पीडी नगर, कालेज रोड सहित सैकड़ों स्थानों पर लगाई गई होलिका में आचार्यों ने मंत्रोच्चार के साथ आग लगवाई।
इसके बाद होली का धूमधड़ाका शुरू हुआ। लोग बच्चों को लेकर होलिका दहन स्थल पर पहुंचे। गुझिया व अन्य मिठाइयां चढ़ाकर पूजा अर्चना की गई। इसके बाद होलिका की आग में गन्ने भूने गए और स्थल की परिक्रमा लगाई गई। लोगों ने होलिका की अगिभन को लेकर अपने-अपने घर पहुंचे और अगिभनदेव की आराधना की।
होलिका स्थल पर जमकर अबीर-गुलाल उड़ाया गया। होलिका दहन के बाद से ही सभी चौराहों पर होली के रंगों की बौछारें शुरू हो गईं। इससे पहले गुरुवार सुबह से ही शहर के युवा टोलियां बनाकर होलिका दहन के लिए लकड़ी इकट्ठा करने में जुटे रहे। रंग-बिरंगी झालरों से होलिका स्थल को सजाया गया। जब तक होलिका में आग नहीं लगाई गई तब तक लाउडस्पीकरों पर होली गीतों पर जमकर धूमधड़ाका हुआ।
लोग फिल्मी गीतों की धुन पर जमकर झूमते रहे। गुरुवार का दिन नवयुवकों के लिए काफी रोचक रहा। लोगों ने कहा गुरुवार का पूरा दिन होलिका सजाने में बीत गया। होलिका की सजावट करने के बाद सभी ने अपने मित्रों के साथ मिलकर होलिका स्थान की भी सजावट की गई।
होलिका दहन के शुभ-मुहूर्त के अनुसार शहर में रात 8 बजकर 31 मिनट से होलिका दहन शुरू हो गए। लोगों ने सामूहिक रूप से होलिका दहन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आचार्यों ने मंत्रोच्चार के बाद होलिका में अगिभन दिलवाई। इसके बाद सभी लोगों ने होलिका की विधि-विधान से पूजा अर्चना की। लोग अपने घरों में भी होली की अगिभन ले गए और घरों में भी पूजा की गई।