एसपी कार्यालय में जरूरतमंदों को फोन कर हाल खबर लेतीं महिला पुलिस कर्मी
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उन्नाव। हैलो.. मैं एसपी कार्यालय से बोल रही हूं। आपको राशन, भोजन या अन्य सामग्री की परेशानी तो नहीं। गांव में या आसपड़ोस में दूसरे जिले से तो नहीं आया। ऐसा हो तो जानकारी दें। पुलिस आपकी मदद करेगी। दूसरे जिलों से आए लोगों का मेडिकल टीम की मदद से जांच कराएगी।
लॉकडाउन के दौरान कोई भूखा न सोए। दूसरे जिले से आकर घर में चुपचाप रहकर दूसरों को संक्रमित न कर सके, इसके लिए एसपी विक्रांतवीर ने एक नई मुहिम शुरू की है। उन्होंने अपने कार्यालय की 10 महिला पुलिस कर्मियों को चिह्नित किया है। महिला पुलिस कर्मियों को ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक, बीडीसी, ग्राम सेवकों के माध्यम से लगभग 35,000 मोबाइल नंबर इकट्ठा कर दिए गए हैं। यह नंबर उन लोगों के हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और सही ढंग से अपना जीवन-यापन नहीं कर सकते हैं। एक महिला पुलिस कर्मी के हिस्से में 3500 मोबाइल नंबर आए हैं। महिला पुलिस कर्मी इन नंबरों पर संपर्क कर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों से उनका हाल खबर ले रही हैं। यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि लॉक डाउन के दौरान किसी को भूखा तो नहीं सोना पड़ रहा है। राशन या भोजन की उनके पास व्यवस्था है या नहीं। जो जैसी जरूरत की सामग्री की मांग करता है, यह महिला पुलिस कर्मी उसका नाम पता व मोबाइल नंबर संबंधित थाना व सर्किल मजिस्ट्रेट को नोट करा सामग्री घर भिजवाने की बात कहती हैं। तत्काल पुलिस जरूरतमंद के घर पहुंचकर उनकी मदद कर रही है। एसपी ने बताया कि महिला पुलिस कर्मियों को यह जिम्मेदारी देने के पीछे का मकसद है कोई गरीब भूखा न सोए।
एसपी विक्रांतवीर ने बताया कि दूसरे प्रांत व जिले से आकर घर में छिपकर बैठे लोगों को बाहर निकालने के लिए यह मुहिम कारगर साबित होगी। बताया कि इससे हर ग्रामीण जागरूक होगा और अपनों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए ऐसे व्यक्तियों की तत्काल सूचना देगा। सूचना मिलते ही पुलिस मेडिकल टीम के साथ मौके पर पहुंचकर उसकी जांच करेगी।