उन्नाव। कोरोनाकाल में जनप्रतिनिधियों ने अपनी निधि से स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए चार करोड़ रुपये दिए हैं। इनमें सांसद, विधानसभा अध्यक्ष व एमएलसी समेत तीन विधायक शामिल हैं।
विधानसभा अध्यक्ष व भगवंतनगर विधायक हृदयनारायण दीक्षित ने विधायक निधि से एक करोड़ रुपये उत्तर प्रदेश कोविड केयर फंड में दिए हैं। जिला अस्पताल में आरटीपीसीआर मशीन की खरीदारी के लिए 45 लाख रुपये अतिरिक्त दिए हैं। पुरवा विधायक अनिल सिंह ने हिलौली में स्थित सौ बेड के हास्पिटल में एक आरटीपीसीआर मशीन के लिए 35 लाख रुपये निधि से देने की संस्तुति की। इसी हास्पिटल में आक्सीजन प्लांट की पाइप लाइन के लिए 32.45 लाख रुपये और दिए हैं। सांसद साक्षी महाराज ने सीएचसी बिछिया में आक्सीजन प्लांट, पाइप लाइन व शेड के लिए निधि से धनराशि देने को कहा था। प्लांट व शेड निर्माण के लिए 59.644 लाख का प्रस्ताव तैयार हुआ। इसमें पहली किस्त के रूप में 35.786 लाख रुपये कार्यदायी संस्था क्षेत्रीय प्रबंधक यूपीएसआईसी लखनऊ को जारी कर दिए गए। एमएलसी अरुण पाठक ने जिला चिकित्सालय में आक्सीजन प्लांट की पाइप लाइन व जनरेटर के लिए 34.22 लाख रुपये निधि से दिए हैं। इसमें पहली किस्त के रूप में 20.658 लाख रुपये संस्था को दे दिए गए।
बांगरमऊ विधायक श्रीकांत कटियार ने क्षेत्र की सीएचसी में आक्सीजन प्लांट व पाइप लाइन का काम कराने के लिए कहा था। 66.14 लाख का प्रस्ताव बना। इसमें पहली किस्त के रूप में 39.684 लाख रुपये जारी कर दिए गए। मोहान विधायक बृजेश रावत ने औरास सीएचसी में आक्सीजन पाइप लाइन लगाने, प्लंाट के लिए शेड का निर्माण और 45 केवीए जनरेटर लगाने को कहा था। 24.46 लाख का प्रस्ताव तैयार हुआ। संस्था को पहली किस्त के रूप में 14.676 लाख रुपये दे दिए गए।
सदर विधायक पंकज गुप्ता व सफीपुर के विधायक बंबालाल दिवाकर ने विधायक निधि से स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पैसा नहीं दिया। अप्रैल से शुरू हुए वित्तीय वर्ष में शासन ने विधायक निधि के रूप में पहली किस्त में डेढ़ करोड़ की राशि जारी की थी। इसमें विधानसभा अध्यक्ष द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1.45 करोड़ रुपये देने से अब उनकी निधि में मात्र पांच लाख रुपये ही शेष बचे हैं।