उन्नाव। जिला अस्पताल की ओपीडी में आंखों की जांच के दौरान तीन मरीजों में ब्लैक फंगस के लक्षण मिले हैं। इसमें दो मरीजों को लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। एक महिला मरीज भर्ती न होने की बात कहते हुए घर चली गई।
ओपीडी में आंखों के सर्जन डॉ. रंजन गुप्ता ने सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक 28 मरीज देखे। इसमें पुरवा तहसील के गांव पीरजादीगढ़ी निवासी अलख निरंजन लाल (59) की बाईं आंख की पलक गिरी मिली। नाक बंद हो गई थी। चेहरे में भी सूजन थी। उन्हें इमरजेंसी में भर्ती कर आंखों का सीटी स्कैन कराने के साथ ही खून की जांच हुई। सदर तहसील के नेहरूनगर निवासी सोनी मिश्रा (28) की दाहिनी आंख में सूजन थी। गाल का आधा हिस्सा भी काला पड़ गया था। बुखार आने के साथ शुगर भी बढ़ा हुआ था। इमरजेंसी में भर्ती कर सिटी स्कैन कराने के साथ खून की जांच कराई गई। दोनो मरीजों में ब्लैक फंगस के लक्षण मिलने पर लखनऊ के केजीएमयू अस्पताल रेफर कर दिया गया। अचलगंज के कोरारीकला निवासी बिकाना (58) की बाईं आंख सूजन के साथ बाहर की तरफ निकली हुई थी। आंखों में कोई हरकत नहीं हो रही थी। वह सुन्न हो गईं थी। महिला ने खून की जांच तो करा ली, लेकिन भर्ती होने से मना कर दिया। सीनियर फिजीशियन डॉ. आलोक पांडेय ने भी उसे समझाया लेकिन वह भर्ती होने के लिए तैयार नहीं हुई और घर वापस लौट गई।