उन्नाव। कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों को डरने के बजाय संयम बरतना चाहिए। कोरोना के हर मरीज को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं होती है। धरीज रखें और रैपिड रेस्पांस टीम (आरआरटी) के डॉक्टर की सलाह पर अमल करें। मरीज का ऑक्सीजन स्तर 94 से कम है या डॉक्टर ने उसे अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दी है तभी उसे भर्ती होने की जरूरत है।
एसीएमओ डॉ. आरके गौतम ने बताया कि आरटीपीसीआर की रिपोर्ट पॉजिटिव आने और बुखार या सांस की समस्या न होने पर अस्पताल न जाकर होम आइसोलेशन में ही इलाज करवाएं। गले में खराश, 100 डिग्री बुखार, हल्की खांसी, 94 से अधिक ऑक्सीजन स्तर वाले मरीज भी होम आइसोलेशन में रह सकते हैं। डॉ. आरके गौतम कहते हैं कि डायबिटीज, कैंसर, हृदय रोग, किडनी रोग व फेफड़ों से संबंधित रोगों से ग्रसित मरीजों को अस्पताल में भर्ती होना आवश्यक है। ऐसे मरीजों को होम आइसोलेन की अनुमति नहीं दी जाती। ऐसे मरीज जिन्हें 100 डिग्री से अधिक बुखार हो। सांस लेने के साथ नाक में दिक्कत हो। ऑक्सीजन स्तर भी 90 से 94 के बीच होने के साथ सीने में दिक्कत है तो इलाज घर में नहीं करना चाहिए। ऐसे मरीजों के साथ ही कम प्रतिरोधक क्षमता वाले माध्यम लक्षण वाले मरीजों को कोविड एलथ्री अस्पताल में भर्ती कराना जरूरी है।