उन्नाव। होम आइसोलेट मरीजों के लिए जिला प्रशासन के पास ऑक्सीजन नहीं है। मरीजों के परिजन एक सिलिंडर ऑक्सीजन के लिए दर-दर भटकते हैं। कोविड कंट्रोल रूम भी मदद नहीं कर पाता। सदर विधायक व कुछ समाजसेवी संस्थाएं उपलब्धता के आधार पर लोगों को ऑक्सीजन मुफ्त उपलब्ध करातीं हैं। इसके लिए तीमारदारों को खाली सिलिंडर की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती है।
जिले में इस समय 1133 कोरोना मरीज होम आइसोलेशन में हैं। मरीजों का ऑक्सीजन स्तर गिरने पर ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत पड़ती है तो जिला प्रशासन के पास उन्हें देने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। कोविड कंट्रोल रूम में रोजाना पांच से छह मरीज ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए फोन कर रहे हैं। इन मरीजों को जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी जाती है। हालांकि कुछ लोग सदर विधायक पंकज गुप्ता या अन्य निजी समाज सेवी संस्थाओं से संपर्क कर उनकी मदद से ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था कर रहे हैं।
रूपऊ गांव के दीपक शुक्ला ने बताया कि उनका ऑक्सीजन स्तर अचानक घटकर 90 हो गया। परिवार के लोगों ने काफी प्रयास किया लेकिन सभी ने हाथ खड़े कर लिए। अस्पताल में खाली सिलिंडर भी नहीं मिला एक परिचित ने संस्था सर्विस-24 का नंबर दिया तब रात में ही सिलिंडर मिल पाया। आदर्श नगर निवासी विनय का ऑक्सीजन स्तर 70 पहुंच गया था। कोविड कंट्रोल रूम में फोन किया तो बताया गया कि अस्पताल में भर्ती हो जाओ। वहां कोविड मरीज अधिक होने से भर्ती नहीं हुआ। काफी प्रयास के बाद उन्हें एक दोस्त ने सिलिंडर उपलब्ध कराया।
मामला-तीन।
बंदूहार के जितेंद्र बताते हैं कि ऑक्सीजन सिलिंडर मिलना मुश्किल लग रहा था। बाद में सदर विधायक से एक और स्वयंसेवी संस्था से ऑक्सीजन सिलिंडर मिला।
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जिम्मेदार बोले
कोविड कंट्रोल रूम प्रभारी/ एसडीएम अंकित शुक्ला ने बताया कि जिन मरीजों के पास ऑक्सीजन सिलिंडर हैं उन्हें तो रिफलिंग कर व्यवस्था की जा रही है। अगर उनके पास खाली सिलिंडर नहीं है तो मरीजों को ऑक्सीजन अभी उपलब्ध कराना मुमकिन नहीं हो रहा है। ऐसे मरीजों को जिला अस्पताल के आइसोलेशन या इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर ऑक्सीजन दी जाती है।
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सीएमओ कैप्टन डॉ. आशुतोष कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल में पार्याप्त मात्रा में ऑक्सीलन सिलिंडर व कन्संट्रेटर उपलब्ध हैं। होम आइसोलेट मरीजों का ऑक्सीजन स्तर 90 या उसके नीचे पहुंचे तो वह तत्काल जिला अस्पताल पहुंचे। उन्हें दिक्कत नहीं होगी।
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निजी संस्था ने 123 मरीजों के घर पहुंचाया सिलिंडर
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। शहर में जरूरतमंदों के लिए काम कर रही सर्विस-24 संस्था निशुल्क ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध करा रही है।
ऑक्सीजन सिलिंडर पहुंचाने वाले संस्था के पदाधिकारियों में शैलेंद्र व दिवाकर वर्मा ने बताया कि रोजाना 7-8 लोग ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए फोन करते हैं। उन्हें सिलिंडर के साथ रेग्यूलेटर भी उपलब्ध कराते हैं। संस्था अब तक 123 मरीजों को उनके घर में ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध करा चुकी है। इस काम में किरन, समीर, तारिक, फारुख , बाबू मिस्त्री का अहम योगदान है।
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फोटो नंबर-24
40 ऑक्सीजन सिलिंडर दिए
उन्नाव। एक निजी कंपनी ने जिला प्रशासन को 40 ऑक्सीजन सिलिंडर दिए हैं। एकेआई इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष अशद कमाल इराकी ने कहा कि इस वक्त लोगों की जान बचाने से बड़ा कोई काम और धर्म नहीं हैं। डीएम रवींद्र कुमार ने एकेआई लिमटेड के प्रतिनिधियों की सराहना की। भेंट किए गए ऑक्सीजन सिलिंडर व रेग्यूलेटर को डीएम ने जिला अस्पताल को पांच, मौरावां स्वास्थ्य केंद्र को 20 और बांगरमऊ को 15 ऑक्सीजन सिलिंडर भेजे हैं। (संवाद)
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कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया
उन्नाव। डीएम रवींद्र कुमार ने इंटीग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण त्वरित गति से किया जाए। आवश्यक होगा कि विभिन्न प्रकार की शिकायतों का पटल अलग-अलग बनाया जाए। उसी के अनुसार कंप्यूटरों की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। शिकायतों के निस्तारण की रेंडम जांच प्रभारी अधिकारी समय-समय पर जरूर करें। (संवाद)
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सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन सिस्टम का प्रस्ताव तैयार
क्रासर-
शासन को भेजा, बजट मिलते ही शुरू होगा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। जिला अस्पताल के इमरजेंसी व आइसोलेशन वार्ड मेें सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन सिस्टम लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। जिला अस्पताल प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा है। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।
कोरोना संक्रमण और ऑक्सीजन स्तर गिरने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इन मरीजों को ऑक्सीजन सिलिंडर से ऑक्सीजन दी जा रही है। सिलिंडर की संख्या सीमित होने और मरीजों की संख्या अधिक होने से अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है। डीएम रवींद्र कुमार ने जिला अस्पताल में मरीजों की सहूलियत के लिए सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन सिस्टम लगाने के निर्देश दिए थे। सीएमएस डॉॅ. बीबी भट्ट ने बताया कि सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन सिस्टम के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। पहले चरण में इमरजेंसी और आइसोलेशन वार्ड में सेंट्रलाइज़्ड ऑक्सीजन सिस्टम लगाया जाएगा। शासन से बजट मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
इनसेट-
डीएम ने की इलाज की समीक्षा
कोरोना नियंत्रण को लेकर डीएम ने प्रशासनिक व स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ कलक्ट्रेट में बैठक की। उन्होंने अस्पतालों में ऑक्सीजन युक्त बेड, एंबुलेंस सेवाओं की सुचारु व्यवस्था, ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति, जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता की समीक्षा की।
डीएम रवींद्र कुमार ने कहा कि ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना टेक्निकल टीम की निगरानी में की जाएगी। प्लांट लगाने के लिए ऐसे स्थल का चयन किया जाए जहां से सुविधाजनक हो और ऑक्सीजन की अधिक जरूरत हो। एडीएम व सिटी मजिस्ट्रेट से कहा कि निगरानी समितियों को सक्रिय कर दें। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजाना सैनिटाइजेशन कराया जाए। इस दौरान एसपी आनंद कुलकर्णी, सीडीओ सरनीत कौर ब्रोका, एडीएम राकेश सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट चंदन पटेल, एसडीएम अंकित शुक्ला, सीएमओ कैप्टन डॉ. आशुतोष कुमार व सीएमएस डॉ. बीबी भट्ट मौजूद रहे।
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