उन्नाव। जिले में कोविड जांच में आई सुस्ती से कोरोना का खतरा और बढ़ गया है। 3056 सैंपल की आरटीपीसीआर रिपोर्ट लखनऊ पीजीआई में लंबित होने से विभाग ने सैंपल लेना कम कर दिया है। भगवंत नगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक और प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष ने आरटीपीसीआर जांच मशीन के लिए अपनी क्षेत्र विकास निधि से 45 लाख रुपये दिए थे। इसके बावजूद 18 दिन भी जांच मशीन नहीं लग सकी है।
सैंपलों की रिपोर्ट न आने से परेशान स्वास्थ्य विभाग ने जिले में सैंपल लेने की संख्या घटा दी है। अब तक एक दिन में 1000 से 1300 तक सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे थे। पिछले छह दिनों से सिर्फ 900 सैंपल ही लिए जा रहे हैं। हालांकि एंटीजन किट से जांच की जा रही है, लेकिन उस पर लोगों को विश्वास नहीं है। जांच रिपोर्ट न आने से जिले में कोरोना संक्रमण का खतरा और बढ़ता जा रहा है। रिपोर्ट न आने तक संक्रमित एहतियात नहीं बरते हैं। इससे उनके संपर्क में आने वालों का दायरा बढ़ता जा रहा है। सीएमओ कैप्टन डॉ. आशुतोष कुमार ने बताया कि आरटीपीसीआर मशीन खरीदने के लिए जेम पोर्टल पर सूचना अपलोड की गई है। कंपनियां इसके लिए अपना कुटेशन देंगी। इसके बाद गुणवत्ता देखते हुए खरीद होगी। कोविड जांच प्रभारी एसीएमओ डॉ. जयराम सिंह ने बताया कि लखनऊ पीजीआई में आरटीपीसीआर के रोजाना एक हजार ही सैंपल ही लिए जा रहे हैं। सैंपलों की संख्या लगातार बढ़ने से रिपोर्ट मिलने में देरी हो रही है। इसलिए अब सिर्फ उन्ही के सैंपल लिए जा रहे हैं जिन्हें आरटीपीसीआर जांच की जरूरत है।