उन्नाव। सरस्वती मेडिकल कॉलेज कोविड अस्पताल में मरीजों भर्ती करने में लापरवाही हावी है। स्थिति यह है कि जिला अस्पताल से रेफर होने वाले कोविड मरीजों को सरस्वती मेडिकल कालेज के गेट पर लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कभी सीएमओ कार्यालय से मेल व कागज न आने तो कभी बेड न होने का बहाना बताकर लौटाया जा रहा है।
दरोगाबाग निवासी मोहम्मद फैजल अली (28) के कोरोना संक्रमित होने पर उसे जिला अस्पताल से सरस्वती मेडिकल कॉलेज कोविड अस्पताल रेफर किया गया। एंबुलेंस से वह सरस्वती मेडिकल काले पहुंचा। यहां गेट पर एंबुलेंस रोक दी गई। प्रबंधन ने पहले मरीज के कागज सीएमओ कार्यालय से न आने की बात कही। आधे घंटे बाद एसीएमओ की मेल आने के बाद भी उसे भर्ती नहीं किया गया। चालक ने एंबुलेंस खड़े रखने का विरोध किया तो डेढ़ घंटे बाद मरीज को भर्ती किया गया।
एबीनगर निवासी दिनेश (61) को तेज बुखार होने पर परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर डॉक्टर ने उन्हें कोविड अस्पताल रेफर किया। एंबुलेंस उन्हें लेकर अस्पताल पहुंची। गेट पर तैनात कर्मचारी ने कागजात देखने के बाद बताया कि अभी सीएमओ कार्यालय से मेल नहीं आई है। एंबुलेंस चालक ने सीएमओ कार्यालय से संपर्क किया तब मरीज का ब्योरा एसीएमओ ने मेल किया। डेढ़ घंटे बाद कोविड अस्पताल प्रबंधन ने आईसीयू बेड खाली न होने की बात कही और मरीज को वापस लौटा दिया। हार कर मरीज को जिला अस्पताल के आईसोलेशन वार्ड में रखना पड़ा है।
कोविड अस्पताल प्रभारी एसीएमओ डॉ. विवेक गुप्ता ने बताया कि एक साथ तीन मरीज आते हैं तो भर्ती करने में थोड़ा समय लग जाता है। जिस मरीज को वापस किया गया उसका ऑक्सीजन स्तर ठीक था। मरीज के परिजन आईसीयू की मांग कर रहे थे।