उन्नाव। जिले की 88 ग्राम पंचायतों में कोरोना किट की खरीदारी में गड़बड़ी मिली है। इसका खुलासा पंचायतीराज विभाग निदेशक की ओर से जिला प्रशासन को भेजी गई रिपोर्ट में हुआ है। हालांकि डीएम ने इस मामले में अभी जानकारी से इनकार किया है। कहा है कि रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।
शासन ने ग्राम पंचायतों को कोरोना किट, पल्स आक्सीमीटर और इंफ्रारेड थर्मामीटर की खरीदारी करने के निर्देश दिए थे। सुल्तानपुर व गाजीपुर में किट की बाजार से ऊंची कीमत पर खरीदारी का खुलासा होने पर शासन से इसकी जांच एसआईटी को दी थी। जिले में भी कई ग्राम पंचायतों में किट की निर्धारित कीमत से ज्यादा पर खरीदारी के मामले चर्चा में आए थे।
लखनऊ मुख्यालय से जिला प्रशासन की भेजी रिपोर्ट में 88 ग्राम पंचायतों में खरीद में गड़बड़ी की जानकारी दी गई है। जिले की 1043 ग्राम पंचायतों में 744 में पल्स आक्सीमीटर व इंफ्रारेड थर्मामीटर की खरीद की गई। खरीद में कुल 46 फर्मों का सहयोग लिया गया। जांच में पाया गया कि सात ग्राम पंचायतों में एक ही फ र्म ने एक से अधिक रेट पर उपकरणों की आपूर्ति की। अलग स्तर से की गई खरीद की जांच में पाया गया कि गूगल शीट पर 23 ब्रांड के पल्स ऑक्सीमीटर की आपूर्ति की गई है। इनमें कहीं पल्स ऑक्सीमीटर का दाम 2315 पाया गया तो कहीं पर यही खरीद 708 रुपए में की गई। वहीं ग्राम पंचायत मुंडा, पिखी, रहीमाबाद, गुरधरी, कटोवामुहाल, उसीर, अध्वा मोहाल, ओटवा, जमरूद्दीनपुर, लावानी, टांडा, जैदपुर, गुरदरी व रजई में स्थिति बहुत ही खराब मिली।