उन्नाव। दूसरे देशों से आने वाले व्यक्तियों के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम बनाई जाएगी। यह टीम 28 दिन तक उस व्यक्ति की निगरानी करेगी और रिपोर्ट शासन को भेजेगी। कोरोना वायरस के बढ़ते दायरे को देखते हुए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों को यह निर्देश दिए। उन्होंने लोगों को बचाव के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन ने गुरुवार को वीडियो कांफ्रें सिंग के जरिए तैयारियों और विदेशों से आए लोगों के जांच रिपोर्ट की जानकारी ली। विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि दूसरे देशों से आने वाले लोगों में जो भी कोरोना संदिग्ध मिले उसका सैंपल जांच के लिए भेजा जाए और निगरानी रखी जाए। हर व्यक्ति को मास्क लगाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि लोगों को कोरोना वायरस से बचाव के प्रति जागरूक किया जाए। बताया कि सभी एयरपोर्टों पर बाहर से आने वाले लोगों की थर्मोस्क्रैनिंग होगी। कांफ्रेंसिंग के दौरान डीएम रवींद्र कुमार, सीएमओ कैप्टन डॉ. आशुतोष कुमार, संक्रामक रोग प्रभारी डॉ. आरएस मिश्रा सहित विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।