अजगैन कोतवाल की कुर्सी पर बैठी दो घंटे के लिए कोतवाल बनाई गई छात्रा हंशिका व अन्य छात्राएं ।
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नवाबगंज(उन्नाव)। कक्षा नौ की छात्रा के सपनाें को उस समय पंख लग गए जब उसने दो घंटे अजगैन कोतवाल की कुर्सी पर बैठकर कोतवाली का कार्यभार संभाला। इस दौरान छात्रा ने पुलिस के कार्यों की समीक्षा भी की। इतना ही नहीं उसने फरियादियों की समस्याओं को सुनकर थाना में मौजूद अपराध निरीक्षक को शिकायत निस्तारण के लिए आदेशित किया। छात्रा ने हिरासत में लिए गए लोगों से भी उनका पक्ष जाना।
छात्र-छात्राओं को कानून और पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी देने, पुलिस से सामंजस्य स्थापित कर नैतिकता लाने और बड़ों को आदर सत्कार व धैर्य रखने की सीख देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा स्टूडेंट पुलिस कैडेट (एसपीसी) कार्यक्रम चलाया जा रहा है। बुधवार सुबह कस्बे की राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की लगभग 30 छात्राएं प्रधानाचार्य माधुरीलता के साथ अजगैन कोतवाली पहुंची। कोतवाल अरविंद सिंह व अपराध निरीक्षक अभिमन्यु मल्ल ने छात्राओं का अभिवादन किया। अपराध निरीक्षक ने सभी छात्राओं को बारी-बारी से पुलिसिंग की जानकारी दी। इसी बीच कक्षा नौ की छात्रा हंसिका गौरव को कोतवाल की कुर्सी पर बैठाकर उसे दो घंटे के लिए कोतवाली का कार्यभार सौंपा गया। पुलिस के साथ हंसिका ने थाना पहुंचने वाले फरियादियों की समस्याओं को सुना। क्षेत्र के गांव लखनापुर गांव निवासी ठाकुर प्रसाद पुत्र मुरली परिवारिक समस्या की शिकायत लेकर कोतवाली पहुंचे थे। दो घंटे के लिए कोतवाल बनी छात्रा हंसिका गौरव ने ठाकुर प्रसाद की समस्या को सुनते हुए अपराध निरीक्षक अभिमन्यु मल्ल को तुरंत निस्तारण के लिए आदेशित किया। इस दौरान उपनिरीक्षक करुणाशंकर तिवारी, राजेश दीक्षित, राजीव त्रिपाठी, जितेंद्र व ब्रजेश यादव भी कोतवाली में मौजूद रहे।
दो घंटे के लिए कोतवाल बनी छात्रा हंसिका ने थाना का निरीक्षण किया। इस दौरान उसने जन समस्या सुनवाई, निस्तारण, अपराध पंजीकरण व अपराधियों के बारे में की जाने वाली कार्रवाई के बारे में संबंधित पुलिस कर्मियों से जानकारी ली। थाना परिसर के साथ, कंप्यूटर कक्ष, आगंतुक व मुंशी कक्ष में जाकर वहां का भी निरीक्षण किया।
दो घंटे के लिए अजगैन कोतवाली का प्रभारी बनने के लिए जैसे ही छात्रा हंसिका गौरव को चुना गया, उसके सपनों को पंख लग गए। कोतवाल की कुर्सी पर बैठते ही उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। छात्रा के अनुसार उसके पिता एक किसान है। वह बड़े होकर पुलिस अधिकारी बनना चाहती है। उसने बताया कि दो घंटे पुलिस अधिकारी बनने के दौरान उसके सपनों को पंख लग गए हैं। अब वह अपने सपनों को पूरा करने के लिए जीतोड़ मेहनत करेगी।