उन्नाव/शुक्लागंज। एक बार फिर मौसम की मार से किसान बेहाल है। रविवार शाम लगभग 7 बजे तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू होने के कुछ ही देर बाद ओलावृष्टि होने लगी।
ओलों का साइज काफी बड़ा था। इस ओलावृष्टि से बची फसलों के भी तबाह होने की आशंका जताई जा रही है। करीब आधे घंटे तक जमकर ओले गिरे। सड़कों पर सफेद चादर की परत जैसी बिछ गई। तेज हवाओं से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह से सपाट हो गई। वहीं, इस बारिश से शहर के प्रमुख मार्गों व गलियों में जलभराव हो गया जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
तेज हवाओं से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह से सपाट हो गई। इस तेज बारिश और ओलावृष्टि से आम की फसल को भी तगड़ा नुकसान पहुंचा है।
ओलों की चपेट में आकर आम के पेड़ में लगे बौर भी झड़ गए हैं। वहीं शहर में तेज बारिश के चलते सिविल लाइन, दरोगाबाग, बन्धूहार, मौहारीबाग आदि इलाकों में कई घरों में पानी घुस गया है। लोग पानी को निकालने के लिए कड़ी मशक्कत में जुटे रहे। वहीं कचहरी क्रासिंग पर बने रहे ओवरब्रिज के लिए डाली गई मिट्टी तेज बारिश में बहकर आसपास की दुकानों में घुस गई।
दुकानदार अनिल गुप्ता ने बताया कि मिट्टी व पानी उसके दुकान में घुस गया जिससे दाल, चीनी आदि खाद्य पदार्थ पूरी तरह से पानी में भीग गए। कई सामान तो पानी में तैरने लगे। इससे उसे तगड़ा नुकसान हुआ है। आसपास के कई अन्य दुकानदारों ने भी यही रोना रोया।
शनिवार रात करीब 12 बजे से शुरू हुई बारिश रविवार सुबह 11 बजे तक जारी रही। रबी की अधिकांश फसलें चौपट होने की कगार पर हैं। रबी की प्रमुख फसल गेहूं के पौधे भी जमींदोज हो गए हैं। वहीं सरसों व अरहर के पौधे भी बारिश व तेज हवाओं की चपेट में आकर झड़ गए।
आलू उत्पादक किसानों को भी बारिश ने झटका दिया है। जानकारों की कहना है कि अधिकांश किसानों ने आलू की खुदाई शुरू कर दी है लेकिन अभी खेत से उठा नहीं पाए हैं। बारिश से खेतों में पानी रुकने से आलू के सड़ने का खतरा बढ़ गया है। रविवार सुबह 11 बजे तक 16.0 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई है।
शाम 5 बजे भी फिर बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, अभी एक-दो दिन ऐसा ही मौसम बना रहने की उम्मीद है। इस बार जिले में 2,43,215 हेक्टेअर में गेहूं, 17585 हेक्टेअर में सरसों व 9000 हेक्टेअर में तोरिया बोई गई है। इस बारिश से सभी फसलों का उत्पादन गिरने की आशंका है।