कानपुर से लखनऊ जा रही ग्वालियर-पटना एक्सप्रेस में रविवार सुबह करीब आठ बजे डीजी कंट्रोलरूम से बम रखे होने की सूचना मिली। आनन-फानन ट्रेन को जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर रोका गया। पुलिस खोजी कुत्ते की मदद से सघन चेकिंग की। करीब एक घंटे तक हुई चेकिंग के बाद कोई भी संदिग्ध वस्तु न मिलने पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली और ट्रेन को लखनऊ के लिए रवाना किया।
रविवार सुबह डीजी कंट्रोल से जीआरपी उन्नाव को सूचना मिली कि कानपुर से लखनऊ जा रही ग्वालियर-पटना एक्सप्रेस में इंजन से तीसरे कोच में इलेक्ट्रानिक डिवाइस की आवाज आ रही है। इससे ट्रेन में मौजूद यात्री सकते मेें हैं और लोगों को कोच में बम होने की आशंका है। कंट्रोल से निर्देश मिलते ही तत्काल जीआरपी एसओ सीपी सिंह ने इसकी जानकारी रेल अधिकारियों को दी और तीन नंबर प्लेटफार्म से रनथ्रू निकलने वाली इस ट्रेन को पांच नंबर प्लेटफार्म पर रोकने के निर्देश दिए।
एसओ ने बम स्क्वायड को भी बुलवाया। ट्रेन के रुकते ही एसओ ने एसआई राजेश, सिपाही विजय, जावेद व शिवशंकर के अलावा अन्य स्टाफ व डाग स्क्वायड के साथ सघन चेकिंग शुरू की गई। पुलिस टीम ने सभी कोचों में चेकिंग अभियान चलाया। ट्रेन के रवाना होेने के बाद सभी ने राहत की सांस ली। एसओ जीआरपी सीपी सिंह ने बताया कि ट्रेन की जनरल बोगी में सफर कर रहे किसी यात्री ने कंट्रोल रूम को फोन कर बोगी में बम रखे होने की सूचना दी थी। यात्री ने बोगी में बम के एक्टिव होने जैसी बीप की आवाज सुनाई देने की बात बताई थी। कंट्रोल रूम की सूचना पर ट्रेन को रोका गया और इसकी सघन चेकिंग की गई और सब कुछ ठीकठाक मिलने पर ट्रेन को आगे रवाना कर दिया गया।
होती रही चेकिंग, सकते में रहे यात्री
कंट्रोल से मिली सूचना के बाद रनथ्रू ट्रेन को तय ट्रैक के बजाए अन्य ट्रैक पर लेकर रोके जाने और ट्रेन के रुकते ही जीआरपी, आरपीएफ व डाग स्क्वायड की टीम के ट्रेन को घेर लेने से ट्रेन व स्टेशन पर मौजूद यात्री सकते में आ गए। इस दौरान फोर्स ने ट्रेन का चप्पा-चप्पा व मौजूद यात्रियों के सामान को भी खंगाला। इस दौरान यात्री सकते में रहे।