उन्नाव। सरकारी विभाग बिजली बिल का करोड़ों रुपये दबाए बैठे हैं। सबसे ज्यादा 24.91 करोड़ रुपये का बकाया पंचायतीराज विभाग पर है। 7.36 करोड़ रुपये के साथ शिक्षा विभाग दूसरे नंबर पर है।
बिजली विभाग आम आदमी से तो हजारों का बकाया वसूलने के लिए एफआईआर तक दर्ज करा रहा है, लेकिन सरकारी विभागों पर करोड़ों रुपये का बकाया होने के बाद भी उनसे वसूली की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। विकास भवन, पुलिस सहित 35 विभागों पर 37.89 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। बकायेदारों की फेहरिस्त में कारागार, चिकित्सा, शिक्षा, पंचायतीराज सहित कई अन्य सरकारी विभाग शामिल हैं।
बकायेदारों में 24.91 करोड़ के साथ पंचायतीराज विभाग सबसे अव्वल है। इसके बाद 7.36 करोड़ रुपये के बकाये के साथ शिक्षा विभाग का नंबर आता है। 1.92 करोड़ के बकाये की रकम के साथ पुलिस विभाग तीसरे नंबर पर है।
स्वास्थ्य विभाग पर बिजली विभाग का 1.16 करोड़ रुपये बकाया है। खंड विकास अधिकारी पर 84 लाख और मुख्य विकास अधिकारी पर 34.42 लाख रुपये की बकायेदारी है। बिजली विभाग के बकायेदारों में कृषि विभाग (5.58 लाख), माध्यमिक शिक्षा (11.73 लाख), सिंचाई अधिष्ठान (19.53 लाख) और मुख्य पशु चिकित्सालय (7.93 लाख) विभाग भी शामिल है। इसके अलावा अन्य कई विभागों पर भी बकायेदारी है।
बिल जमा हों तो सुधर सकती है बिजली आपूर्ति
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक सरकारी कार्यालयों से वसूली हो जाए तो बिजली विभाग को करोड़ों के राजस्व की प्राप्ति हो सकती है। राजस्व मिलेगा तो बिजली आपूर्ति में भी सुधार आ सकता है। वर्तमान समय में जिले के लोग अघोषित बिजली कटौती से बेहाल हैं। बांगरमऊ, नवाबगंज, बिछिया, बीघापुर, हसनगंज, सफीपुर, फतेहपुर चौरासी, गंजमुरादाबाद क्षेत्रों में जबरदस्त बिजली कटौती हो रही है। इस भीषण गर्मी में बिजली कटौती से लोगों का दिन का चैन छिन गया है और रातों की नींद उड़ गई है।
सरकारी विभागों पर बकाये की सूची तैयार करा ली गई है। कुछ विभागों ने पैसा जमा भी कर दिया है। कुछ जमा कर रहे हैं। जिन्होंने अभी नहीं दिया है उन्हें बिलों के साथ नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है। -एससी शर्मा एक्सईएन प्रथम।