मौरावां। पति से अलग होकर मायके में रह रही युवती 25 दिन पहले पड़ोसी गांव के युवक के साथ लखनऊ गई थी। लखनऊ में ही उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। युवक शव लेकर गांव आया, परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया।
अपहरण की रिपोर्ट दर्ज होने से पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। शव का पोस्टमार्टम कराया, जिसमें हृदगति रुकने से मौत की पुष्टि हुई है। विसरा भी सुरक्षित किया गया है।
मौरावां थानाक्षेत्र की ग्रामसभा लउवा के मजरा रामकिशुनखेड़ा निवासी रामस्वरूप पासवान ने दो साल पहले बेटी शांती (22) का विवाह लच्छीखेड़ा गांव के मुकेश से किया था। लेकिन चौथी के बाद से शांती ससुराल नही गई। वह मायके में ही रह रही थी। इसी बीच उसका पड़ोसी गांव सिंघनखेड़ा निवासी रामू से नजदीकी हो गई।
चार सितंबर को वह रामू के साथ चली गई। बेटी के लापता होने पर पांच सितंबर को पिता ने युवक के खिलाफ बेटी के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पिता का आरोप यह भी था कि बेटी अपने व मां के जेवर और बीस हजार रुपये भी ले गई है। रामू, शांती को लेकर लखनऊ में किराए रहने लगा।
रामू के अनुसार शुक्रवार को शांती की हालत बिगड़ने पर उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। शनिवार को वह शव लेकर उसके पिता के घर आया। पिता हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को सूचना दी।
रामू पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज होने से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। हालांकि उसने पुलिस को चार सितंबर को शांती से कोर्ट मैरिज करने का प्रमाण भी दिया था। एसओ भवन सिंह मौर्य ने बताया कि पिता की तहरीर पर शव का पोस्टमार्टम कराया है। जांच की जा रही है।