उन्नाव। बैंक स्टेटमेंट और आधारकार्ड जमा करने के लिए केंद्र सरकार ने तीन माह का समय दे रखा है इसके बाद भी कई एजेंसी संचालक इसे नहीं मान रहे हैं। गैस लेने वाले ग्राहकों को संचालक यह कहकर वापस कर रहे हैं कि पहले बैंक स्टेटमेंट जमा करो उसके बाद ही गैस मिलेगी।
वर्तमान में गैस एजेंसियों में डीबीटीएल योजना के तहत बैंक स्टेटमेंट व आधारकार्ड जमा किए जा रहे हैं। जानकारों की मानें तो भविष्य में रसोई गैस सिलेंडरों की सब्सिडी कैश न मिलकर खातों में पहुुंचाई जाएगी। इसको देखते हुए एजेंसियां ग्राहकों से बैंक स्टेटमेंट व आधारकार्ड जमा करवा रही हैं।
वैसे पूर्व में केंद्र सरकार ने 1 जनवरी से यह व्यवस्था लागू कर दी थी लेकिन भारी संख्या में ऐसे ग्राहक थे जिन्होंने न तो बैंक एकाउंट का कागज ही जमा किया था और न ही आधारकार्ड। इसको देखते हुए केंद्र सरकार ने तीन माह की मोहलत और दे दी थी।
आदेश जारी किए थे कि बैंक ग्राहकों को नगद सब्सिडी ही दी जाए। साथ ही हिदायत भी यह दी थी कि 31 मार्च तक हर उपभोक्ता अपना बैंक एकाउंट गैस एजेंसियों में जमा कर दे। गैस नंबर को आधारकार्ड से लिंक करा लें। इसके बाद भी एजेंसी संचालक इन नियमों को नहीं मान रहे हैं।
गैस लेने के लिए पहुंचने वाले ग्राहकों को एजेंसी संचालक यह कहकर वापस कर रहे हैं कि पहले बैंक एकाउंट और एजेंसी की पासबुक के साथ फार्म भरकर जमा करें। उसके बाद ही गैस मिलेगी। प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी का कहना है कि जो भी गैस संचालक नियमों को नहीं मान रहे हैं उनके खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।