फोटो नंबर-31- गंगा का जलस्तर बढ़ने से फिर घरों से निकल कर राहत केंद्र पहुंचने लगे लोग। संवाद
उन्नाव। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से गंगा का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है। 24 घंटे में आठ सेमी पानी बढ़ने से जलस्तर खतरे के नजदीक पहुंच गया है।
खतरे के निशान 113 मीटर से मात्र 13 सेमी दूर जलस्तर ने ग्रामीणों की फिर से परेशानी बढ़ा दी है। घरों में पानी घुसने लगा है और रास्ते बंद हो गए हैं। लोग आने-जाने के लिए नावों का सहारा ले रहे हैं। बुधवार की शाम गंगा का जलस्तर 112.870 मीटर पहुंच गया। मंगलवार को पानी 112.790 मीटर था।
कुछ दिन पहले तक जलस्तर घटने से सदर तहसील के बाढ़ प्रभावित गांव पनपथा, दनकुखेड़ा, बाबू बंगला, बंदनपुरवा आदि में ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी लेकिन फिर पानी बढ़ने से परेशानी बढ़ गई है। परियर से माना बंगला को जाने वाले रास्ते पर फिर से पानी भर गया है। मरौंदा पनपथा मार्ग पर भी पानी अधिक हो गया है। ग्रामीणों में दीपक निषाद, सुरेंद्र निषाद, गुड्डू, मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि यदि इसी प्रकार जल में बढ़ोत्तरी हुई तो दो दिनों में फिर से बाढ़ जितनी घटी है, उतनी ही फिर से पहुंच जाएगी।
एडीएम सुशील कुमार गोंड ने बताया कि प्रशासन अलर्ट है। हर परिस्थितियों पर नजर रखी जा रही है। तहसील के अधिकारियों को भी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं फतेहपुर चौरासी के कालीमिट्टी शिवराजपुर मार्ग को कटान से रोकने के लिए सिंचाई विभाग को लगाया गया है।
फोटो नंबर-31- गंगा का जलस्तर बढ़ने से फिर घरों से निकल कर राहत केंद्र पहुंचने लगे लोग। संवाद