नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के सख्त रुख के बाद शासन स्तर पर टेनरियों को शिफ्ट करने के प्रयास शुरू हो गए हैं। इसके लिए स्थानों को तलाशना शुरू कर दिया गया है। इसी क्रम में बुधवार को गंगाघाट के बैराज मार्ग पर बसी ट्रांसगंगा सिटी का निरीक्षण करने अपर मुख्य सचिव एक व पर्यावरण संजीवसरन यहां पहुंचे।
निरीक्षण के बाद उन्होंने बताया कि तीन अन्य विकल्प भी हैं, जिनका निरीक्षण होना है। इसकी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी। जिसके बाद ही चार में से एक स्थान पर टेनरियों को शिफ्ट करने का काम शुरू किया जाएगा।
बुधवार शाम करीब सवा पांच बजे अपर मुख्य सचिव ट्रांस गंगा सिटी पहुंचे। यहां निरीक्षण के बाद उन्होंने यूपीएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक रणवीर प्रसाद, केडीए सचिव केपी सिंह व डीएम अदिति सिंह के साथ वार्ता की। उन्होंने बताया कि जाजमऊ गंगा किनारे स्थित टेनरियों के उत्प्रवाह से लगातार गंगा प्रदूषित हो रही है। नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत इन टेनरियों को शिफ्ट कराने का निर्णय शासन ने लिया है।
ट्रांस गंगा सिटी के अलावा बांगरमऊ एक्सप्रेस-वे, भाऊपुर व बंथर के पास भी टेनरियां शिफ्ट करने का विकल्प हैं। जिनका साइड निरीक्षण होना बाकी है। मालूम हो कि जाजमऊ में करीब 400 से अधिक छोटी-बड़ी टेनरियां पहले से ही चिह्नित की जा चुकी है। सभी टेनरियों को शिफ्ट करने के लिए शासन को करीब 450 एकड़ जमीन की जरूरत पड़ेगी। यूपीएसआईडीसी के एक अधिकारी ने बताया कि ट्रांसगंगा सिटी करीब 1144 एकड़ में है।
जिसमें से तकरीबन 550 एकड़ जमीन इंडस्ट्रीयल एरिया के लिए है। वैसे तो इससे अच्छी जगह और नहीं हो सकती, लेकिन बंथर में पहले से ही टेनरियों है और आवागमन भी ठीक है। जिस कारण उसे भी अच्छा माना जा रहा है। फि लहाल शासन पूरी तरह जांच के बाद ही तैयार रिपोर्ट सरकार को भेजेगा। जिसके बाद ही स्पष्ट होगा कि इन टेनरियों को कहां शिफ्ट किया जाएगा।