डिपलोरी ट्राली तैयार करता श्रमिक
- फोटो : अमर उजाला
150 वर्ष पूरे कर चुके रेल गंगा पुल के दिन बहुरने वाले हैं। अंग्रेज जमाने के इस पुल पर बिछी रेलवे लाइन और टर्फ बदलने का रास्ता साफ हो गया है। नौ अप्रैल से कार्य शुरू हो जाएगा। इसके लिए नार्दन रेलवे ने कमर कस ली है। कार्य को कोलकाता की एजेंसी पूर्ण कराएगी। कार्य पूर्ण करने के लिए रेलवे 35 दिन का मेगा ब्लाक ले रहा है।
नार्दन रेलवे मुख्यालय से काम शुरू करने की तिथि नियत कर कार्य को शुरू कराने के निर्देश दए गए है। सूत्रों के अनुसार नौ अप्रैल से डाउन रेल पथ और टर्फ (लोहे की चादर) बदलने का कार्य शुरू होगा। इसके लिए 35 दिन का मेगा ब्लाक लिया जा रहा है। बताते चलें कि सेक्शन इंजीनियर द्वारा अतिरिक्त समय के लिए क्रासिंग संख्या-41 को बंद रखने के लिए डीएम से अनुमति मांगे जाने की बात कही जा रही है। 15 दिन तक क्रासिंग बंद करने की अनुमति मांगी गई है ताकि रेलवे पुल तक कार्य के दौरान लगने वाला सामान पहुंचा दिया जाए।
बताया कि नौ अप्रैल से पहले रेलवे क्रासिंग को बंद करने को कहा गया है। वहीं गंगाघाट रेलवे स्टेशन के अधीक्षक छोटेलाल ने बताया कि क्रासिंग कब से बंद होनी है, इस बाबत अभी तक कोई दिशा निर्देश नहीं आए है। एक अप्रैल से क्रासिंग बंद होने की बात गलत है। इस बार रेलवे पुल पर लोहे के टर्फ लगाने के साथ लोहे के स्लीपर लगेंगे, जबकि अब तक लकड़ी के स्लीपर से काम चल चल रहा था।
आला अधिकारियों की मानी जाए काम करने के दौरान अप लाइन से ही लखनऊ को जाने वाली ट्रेनों को निकाला जाएगा, जबकि कई ट्रेनों को इलाहाबाद और मुरादाबाद मंडल से होकर लखनऊ को निकाले जाने की बात कही जा रही है।