गंगा का जलस्तर रविवार सुबह तक तो बढ़ा, लेकिन इसके बाद स्थिर हो गया। इससे लोगों ने राहत की सांस ली पर अभी बाढ़ का संकट टला नहीं है। इसके उलट परियर क्षेत्र के गंगा किनारे के कई गांवों के नजदीक पानी पहुंच गया है। ग्रामीण रतजगा करके जलस्तर पर नजर जमाए हुए हैं। गांव में टीमें बन गई हैं।
शनिवार शाम पांच बजे गंगा का जलस्तर 112.200 मीटर पर रिकार्ड किया गया था। रविवार सुबह 8 बजे तक यह जलस्तर बढ़कर 112.240 मीटर पर पहुंच गया। .40 मीटर पानी बढ़ने के बाद जलस्तर स्थिर हो गया। शाम 5 बजे तक जलस्तर की यही स्थिति बनी रही। पानी न बढ़ने से लोगों ने राहत की सांस ली। लेकिन कटरी क्षेत्र के लोगों का कहना है कि भले ही जलस्तर स्थिर हो गया हो लेकिन अभी खतरा टला नहीं है। वहीं जानकार एक-दो दिन में पानी बढ़ने की आशंका जता रहे हैं। क्योंकि गंगाबैराज से पानी छूटते ही फिर जलस्तर बढ़ सकता है। वहीं गंगा नदी में पानी का स्तर बढ़ने से सदर तहसील के आधा सैकड़ा गांवों के पास पानी पहुंच गया है। जिससे ग्रामीण रात में भी जागकर पानी पर नजर रख रहे हैं। राजस्व विभाग ने भी खतरे को देखते हुए कमर कस ली है। तहसील के कटरी के गांव मानाबगंला, बाबूबंगला, चंदीबंगला, टेपरा, महानंदपुरवा, बेनीपुरवा, कोलवा, पनपथा, गंगादीनखेड़ा, धनकूखेड़ा, अतरी, जुड़ापुरवा, पटियाला, बहरौला, रामपुर, मक्कापुरवा, रावतापुर, फ त्तेपुर सहित आधा सैकड़ा गांवों के घरों के पास पानी लगा हुआ है। जिससे इन गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। क्षेत्र में नावें चलने लगी हैं। लोग आवागमन के लिए नावों का ही सहारा ले रहे हैं।
रतजगा कर रहे ग्रामीण
रामकिशन निषाद, सोहनलाल, राजकुमार, प्रकाश गौतम, सुंदरलाल आदि ग्रामीणों ने बताया कि वह लोग रात में भी जागकर जलस्तर पर नजर रख रहे हैं। गांव में टीमें बना दी गई हैं। जो एक-एक दिन और रात में पानी पर नजर रख रहे हैं। परियर के नायब तहसीलदार एके सरोज ने बताया कि क्षेत्र में सुरक्षित जगह चिह्नित कर नाव व गोताखोरों की भी लिस्ट बना ली गई है। किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है।
खरीफ सीजन की फसलें मक्का, तिल्ली, ज्वार फसलें डूबी, किसान परेशान
गंजमुरादाबाद (उन्नाव)। क्षेत्र के गंगा कटरी के किनारे बसे गांवों के नजदीक पानी पहुंचने से खेत जलमगभन हो गए हैं। खेतों में बोई गई खरीफ सीजन की फसलें मक्का, तिल्ली, ज्वार आदि पूरी तरह से डूब गई हैं। इससे किसानों को तगड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचा है। किसान अब बाढ़ की आशंका से परेशान नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि अभी खेत डूबे हैं। यदि लगातार जलस्तर बढ़ता रहा तो घर डूबने शुरू हो जाएंगे। फिलहाल सभी लोग जलस्तर पर नजर रख रहे हैं। जैसे ही घरों में पानी घुसेगा वैसे ही वह लोग यहां से निकलकर अन्य जगहों पर चले जाएंगे।