उन्नाव। गरीब अल्पसंख्यक छात्रों को फ्री-कोचिंग दिलाने के लिए आवेदन पत्र मांगे गए हैं। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय में 30 जनवरी तक आवेदन जमा किए जाएंगे। योजना के तहत इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी के लिए की गई कोचिंग का भुगतान सरकार करेगी। इसकी अधिकतम धनराशि 15 हजार रुपये वार्षिक होगी।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी राजा सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार ने अल्पसंख्यक (मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध, पारसी, जैन) वर्ग के छात्र-छात्राओं को इंजीनियरिंग और मेडिकल सेक्टर में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से योजना शुरू की है।
इसके तहत अल्पसंख्यक वर्ग के ऐसे छात्र-छात्राओं को कोचिंग दी जाएगी जिन्होंने इंटरमीडिएट की परीक्षा 60 फीसदी से अधिक अंक से पास की हो। उनके अभिभावकों की आय ग्रामीण क्षेत्र में 40 हजार रुपये और शहरी क्षेत्र में 55 हजार रुपये सालाना से ज्यादा न हो। कोचिंग चुनने का अधिकार छात्र-छात्राओं के पास ही होगा।
मंडल मुख्यालय में उत्कृष्ट कोचिंग का चयन करना होगा। इसके लिए कोचिंग का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। संस्था का पिछले वर्षों में चयन का अच्छा नतीजा रहा हो। आवेदन करने वाले छात्र-छात्राओं को इस योजना के तहत कोचिंग की लागत का 50 फीसदी धन मिलेगा।
संस्था को चयन के समय और कोचिंग की समाप्ति के बाद दो किस्तों में पैसा दिया जाएगा। डीएमओ ने बताया कि आवेदनपत्र कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं। यहां से इसे मंडल मुख्यालय भेज दिया जाएगा। छात्र-छात्राएं सारे प्रमाणपत्रों के साथ आवेदनपत्र भरकर 30 जनवरी तक कार्यालय में जमा कर दें।