उन्नाव। देश के विभिन्न प्रांतों व अन्य जिलों से लौटकर छिपकर घरों में रह रहे लोग कोरोना संक्रमण के लिए बड़ा खतरा बन रहे हैं। हालत यह है कि जितने लोग रोज ट्रेनों व बसों से सरकार की निगहबानी में लौट रहे हैं उससे कहीं अधिक लोग ट्रकों, साइकिलों व पैदल चलकर अपने घर पहुंच रहे हैं। प्रशासन को सूचना न दिए जाने से यह परदेसी अपने परिवार के साथ ही गांव और मोहल्ले के लिए भी खतरा बन रहे हैं।
जिले में शुक्लागंज की एक महिला सहित 6 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इनमें पांच लोग दूसरे प्रांतों से या जिलों से आकर अपने घर पहुंच गए। तबीयत खराब होने पर लोगों की सूूचना पर जब प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग से उनका स्वास्थ्य परीक्षण और सैंपल लेकर जांच कराई तब कोरोना की पुष्टि हुई। इनमें बीघापुर तहसील के कुतुबद्दीन गढ़ेवा और घीनाखेड़ा में कोरोना संक्रमित पाए गए युवक महाराष्ट्र से लौटकर अपने घर पहुंचे थे। बांगरमऊ के ब्योली इस्लामाबाद गांव निवासी युवक लखनऊ के एक नर्सिंगहोम में काम करता था। वहां डॉक्टरों व अन्य स्टाफ के संक्रमित पाए जाने पर वह अपने घर में छिपा था। नवाबगंज ब्लॉक के मिर्जापुर गांव में संक्रमित पाया गया युवक मुंबई से लौटकर अपने घर आया था। मोहान कस्बे का मूल निवासी जमाती उन्नाव शहर के मोहल्ला शेखवाड़ा में दोस्त के घर में छिपकर रह रहा था। इसी तरह के जिले में हजारों लोग हैं जो मुंबई, दिल्ली, गुजरात, पंजाब, बिहार व अन्य प्रांतों से पैदल, साइकिल या भारी वाहनों में बैठकर यहां तक पहुंचे और बिना चेकअप कराए अपने घरों में चले गए। जिले में प्रतिदिन सैकड़ों लोगों का चोरी छिपे अपने घर पहुंचने का सिलसिला जारी है, जो आने वाले दिनों में बड़ी मुसीबत भी बन सकती है।
जिले में आने वाले लोग पुलिस से बचने के लिए रेलवे ट्रैक और नदियों का भी सहारा लेने रहे हैं। शुक्लागंज, बांगरमऊ, बीघापुर, फतेहपुर चौरासी, सफीपुर सहित अन्य क्षेत्रों में लोग नाव के जरिए कानपुर, रायबरेली, फतेहपुर, कन्नौज की ओर से उन्नाव पहुंचते हैं। समय से सूचना मिलने पर पुलिस पहुंचकर उन्हें वापस लौटाकर औपचारिकता पूरी कर रही है।
पिछले दिनों महाराष्ट्र, गुजरात और पंजाब से आई ट्रेनों व बसों से आए उन्नाव जिले के अलग-अलग क्षेत्रों के 4141 लोग अपने घर पहुंचे हैं। प्रशासन की जानकारी में होने से सभी की थर्मल स्क्रीनिंग के बाद क्वारंटीन किया गया और इसके बाद घर भेजा गया। इनमें से किसी में भी कोरोना की पुष्टि नहीं हुई।
डॉक्टरों की नजर में बिना मेडिकल चेकअप और क्वारंटीन की प्रक्रिया पूरी किए घरों में पहुंच रहे लोग कोरोना संक्रमण का एंपलीफायर भी साबित हो सकते हैं। जिला संक्रामक रोग प्रभारी डा. आरएस मिश्रा ने बताया कि जो भी लोग दूसरे प्रदेश या जिलों से सफर करके आ रहे हैं वह खुद सूचना दें और चेकअप कराएं। इससे वह और उनके परिवार के साथ ही आसपास के लोग भी सुरक्षित रहेंगे।