लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित रायबरेली रेलवे क्रासिंग पर बने रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) को दूधिया रोशनी से जगमगाने और अंधेरे के चलते होने वाले हादसों को कम करने की मंशा से नेशनल अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) ने बीते वित्तीय वर्ष में 32 हाईमॉस्क लाइटें लगाने का काम निर्माणदायी कंपनी को सौंपा था। जिम्मेदार कंपनी ने लाइटें तो लगवा दीं लेकिन इन्हें जलाने का कोई भी प्रबंध न होने से यह डेढ़ साल से शोपीस बनी हुई थीं और वाहन सवारों को रात में अंधेरे के चलते परेशानी उठानी पड़ती थी। इस समस्या को लेकर ‘अमर उजाला’ ने बीते 18 नवंबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद जिम्मेदार अफसर हरकत में आए और आनन-फानन में लाइटों को जलवाने के लिए जेनरेटर रूम निर्माण कि लिए प्रस्ताव भेजा गया। इसके बाद आरओबी के नीचे जेनरेटर रूम का निर्माण भी शुरू करवा दिया गया। निर्माणदायी कंपनी के जेई रनवीर सिंह ने बताया कि जेनरेटर की खरीद कर ली गई है। एक सप्ताह के भीतर जेनरेटर रूम बनते ही जेनरेटर रखवाकर लाइटों को जलवा दिया जाएगा।