उफनाई गंगा का पानी कटरी में खेतों में पहुंच गया है। ज्यादातर खेतों में बोई हरी सब्जियों के अलावा धान की फसल प्रभावित हो रही है। कन्हवापुर, चंपापुरवा कटरी में फसलें जलमग्न होने से यहां के किसान परेशान हैं। वहीं शनिवार को जलस्तर 112.270 मीटर पर स्थिर रहा।
कन्हवापुर के किसान भुलई, सीताराम, रामखिलावन व चंपापुरवा के किसान रामपाल, रामनाथ, जगन्नाथ ने बताया कि गंगा का पानी उनके खेतों में घुस गया है। खेतों में भिंडी, तरोई, लौकी के अलावा धान की फ सल की बुआई कर रखी है। किसानों का कहना है कि धान की फसल को ज्यादा नुकसान नहीं होगा, लेकिन खेतों में यदि ज्यादा दिनों तक पानी भरा रहा तो हरी सब्जियों की फसल चौपट हो जाएगी। वहीं कसबे के चंपापुरवा, मनोहर नगर कटरी, हुसैन नगर, कर्बला में अभी भी गंगा का पानी भरा है। आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है। बाढ़ प्रभावित मोहल्लों नावों के सहारे ही यहां के बाशिंदों की जिंदगी दौड़ रही है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार से लेकर शनिवार सुबह तक गंगा का जलस्तर घटा। शनिवार सुबह आठ बजे जलस्तर 112.260 मीटर था जबकि दोपहर दो बजे 112.270 मीटर हो गया जिसके बाद वह शाम पांच बजे तक स्थिर रहा। गंगा अभी भी चेतावनी बिंदु के ऊपर है। जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। मिश्रा कालोनी स्थित मुख्य बाढ़ कें द्र पर कर्मचारियों से पल-पल की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को देने के निर्देश दिए गए हैं। हरिहरपुर-फ त्तेखेड़ा संपर्क मार्ग अभी भी कटा हुआ है जिससे ग्रामीणों को काफ ी दिक्कतें उठानी पड़ रही है।
समस्याएं निस्तारित न हुईं तो आंदोलन
शुक्लागंज। पालिका कर्मचारियों ने समस्याएं जल्द न निस्तारित करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। शनिवार को नगर पालिका परिषद कार्यालय में कर्मचारी यूनियन की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यूनियन के आई.सी. मिश्रा ने कहा कि सपाई कर्मचारियों को दो माह से वेतन नहीं मिल रहा है। ईओ पालिका गंगाघाट को भी अवगत कराया जा चुका है। बैठक में सफाई कर्मचारियों व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सर्दी, गर्मी की वर्दी देने, भत्ते व पदोन्नति की मांगें की गईं। बैठक में कर्मचारियों को जल्द नियमित करने की मांग की गई। बैठक में महामंत्री महेंद्र कुमार सिंह, अब्दुल कदीर, नवनीत जायसवाल, प्रवेश कनौजिया, राजेश गुप्ता, अनूप शुक्ला, मनोज सहित अन्य कई पदाधिकारी व कर्मचारी रहे।