उन्नाव। शहर वासियों को शुद्ध पेयजल देने के लिए 264 करोड़ की अटल मिशन फॉर रेज्यूवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत) योजना पांच साल बाद भी हर घर तक पानी नहीं पहुंचा पाई। जल निगम का दावा है कि दस में सात जोन पूरे हो चुके हैं और पांच नगर पालिका को हैंडओवर किए जा चुके हैं। प्रतिदिन सुबह-शाम दो-दो घंटे जलापूर्ति भी की जा रही है।
वहीं दूसरी तरफ जलापूर्ति और नए जोन की टेस्टिंग के दौरान दो महीने में 16 जगह पाइप लाइनों में लीकेज और फॉल्ट हुए हैं। शहर के सभी 32 वार्डों में 30,298 घरों तक और नगर पालिका गंगाघाट के सभी वार्डों में नल से शुद्ध जल पहुंचाने के लिए वर्ष 2018 में 264 करोड़ की योजना मंजूर हुई थी।
गंगा नदी के पानी को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में साफ करके हर घर तक जलापूर्ति करनी है। योजना को 2020 तक पूरा करना था लेकिन कभी कोविड तो कभी बजट की समस्या आड़े आती रही। अब जलनिगम का दावा है कि दस में से सात जोन की टेस्टिंग पूरी हो गई है और तीन में अंतिम चरण का काम चल रहा है। वहीं दूसरी तरफ सिविल लाइंस, पीतांबर नगर, दरोगाबाग, रामपुरी, बंदूहार आदि क्षेत्रों में भूमिगत पाइप लाइन डालने और लोगों के घरों में कनेक्शन देने के करीब दो साल बाद भी जलापूर्ति शुरू नहीं हो पाई है।