सफीपुर थाना में स्टाफ व उनके परिवारों की थर्मल स्क्रीनिंग करता स्वास्थ्य कर्मी।
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उन्नाव/सफीपुर। सफीपुर कोतवाली तैनात पीआरवी चालक (हेड कांस्टेबिल) के बहनोई के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने और चालक को क्वारंटीन किए जाने के बाद पुलिस विभाग ने तेजी से एहतियाती कदम उठाए हैं। एसपी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को कोतवाली के होमगार्ड से लेकर सीओ तक सभी 120 पुलिस कर्मियों व उनके परिवार के सदस्यों सहित कुल 120 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। वहीं, हेड कांस्टेबिल के साथ तैनात पांच पुलिस कर्मियों का कोरोना जांच के लिए सैंपल लिया गया है। एसपी ने चालक के संपर्क में आए लोगों की लिस्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
सफीपुर कोतवाली क्षेत्र की पीआरवी जीप चालक हेड कांस्टेबल अपने बहनोई के इलाज के सिलसिले में बिना सूचना कानपुर जा रहा था। सिपाही के बहनोई के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सिपाही को भी मंगलवार को कानपुर में क्वारंटीन करते हुए उसका सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। इसकी सूचना सफीपुर कोतवाली पहुंचते ही पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया। पीआरवी चालक कोतवाली परिसर में स्टाफ के अन्य साथियों के साथ रह रहा था। उसके साथ तैनात पांच पुलिस कर्मियों को एसपी विक्रांतवीर के निर्देश पर मंगलवार रात ही कोतवाली परिसर में दो अलग-अलग बैरकों में क्वारंटीन कर दिया गया। एसपी विक्रांतवीर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य टीम से कोतवाली के पूरे स्टाफ के अलावा कोतवाली परिसर में रहने वाले पुलिस कर्मियों के घरवालों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई।
कोतवाली के होमगार्ड, सिपाहियों के अलावा सभी दरोगा के अलावा कोतवाली प्रभारी अशोक पांडेय और सीओ एमपी शर्मा की भी थर्मल स्क्रीनिंग की गई। हालांकि थर्मल स्क्रीनिंग में सभी सामान्य पाए गए हैं। एहतियात के तौर पर क्वारंटीन किए गए पीआरवी चालक के साथ अलग-अलग समय पर ड्यूटी करने वाले पांच अन्य पुलिस कर्मियों को स्वास्थ्य टीम अपने साथ जिला अस्पताल लेकर गई और सभी के सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजे। सफीपुर कोतवाली प्रभारी अशोक कुमार पांडेय ने बताया कि जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
बिना सूचना जिला छोड़ने और लॉकडाउन का उल्लंघन कर कानपुर जाने-आने का मामला सामने आने पर निलंबित किए गए पीआरवी चालक हेड कांस्टेबिल के खिलाफ एसपी विक्रांतवीर ने विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि यह घोर अनियमितता है। सिपाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
मामला सामने आने के बाद सफीपुर कोतवाली परिसर और पीआरवी जीप का सैनिटाइजेशन कराया गया। सीओ एमपी शर्मा ने बताया कि सभी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
सोशल डिस्टेंसिंग के लिए पुलिस कर्मियों को सफीपुर कस्बा स्थित किसी स्कूल में ठहराने की कवायद शुरू हो गई है। सीओ एमपी शर्मा ने बताया कि कोतवाली परिसर में बनी बैरकों में चार-पांच पुलिस कर्मी एक साथ रहते हैं। उनमें सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए कस्बे के ही किसी स्कूल को चिह्नित कर वहां शिफ्ट किया जाएगा।