उन्नाव/मौरावां। भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद मौरावां में पहली रिपोर्ट नए कानून के तहत दर्ज हुई। वहीं, धाराओं में हुए बदलावों को लेकर थानों में जागरूकता गोष्ठी हुईं। पुलिस अधिकारियों ने कानूनी धाराओं में हुए संशोधन की पुलिस कर्मियों और आम नागरिकों को जानकारी दी।
मौरावां थानाक्षेत्र के गांव लोटना निवासी सबा पुत्री जुम्मन ने पुलिस को तहरीर दी कि एक जुलाई को सुबह 9 बजे आपसी विवाद में पड़ोसी मोहम्मद वारिस और मतऊ, मोहम्मद जफर और मोटू ने घर के बाहर गाली गलौज की। विरोध करने पर पीटने लगे। बचाने आए भाई और पिता के साथ भी मारपीट की। शोर मचाने पर गांव वाले दौड़े तो सभी जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। तहरीर के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के तहत धारा 115(2) 352, 351(2) में रिपोर्ट दर्ज की गई है। थानाध्यक्ष चंद्रकांत सिंह ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता के तहत थाने में यह पहली रिपोर्ट दर्ज हुई है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी होगी।
वहीं, एसपी सिद्धार्थशंकर मीना के आदेश पर सीओ बीघापुर माया राय ने अचलगंज थाने में बैठक की। बताया कि अब कानून की धाराएं आईपीसी की जगह बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के नाम से जानी जाएंगी। बताया कि हत्या में अभी तक धारा 302 प्रयोग की जाती थी लेकिन बदलाव के बाद 103 के तहत अब रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। वहीं, महिला उत्पीड़न मामले में अभी तक धारा 354 प्रयोग होती थी। संशोधन कर अब धारा 74 में परिवर्तित किया गया है।
अब नए कानून में पीड़ित कहीं से भी अपनी रिपोर्ट दर्ज करा सकता है। बशर्ते तीन दिन के अंदर उसे थाने आना होगा। मोबाइल फोन के माध्यम से भी बयान दर्ज कराने की सुविधा रहेगी। नए नियम के तहत न्यायालय में चार्ज सीट दाखिल करनी होगी। इससे लंबित मुकदमों का जल्द निस्तारण होगा।