उन्नाव। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जिले में पहली बार फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (एफडीआर) तकनीक से इको फ्रेंडली सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पांच मार्गों पर काम शुरू भी करा दिया गया है। सड़क सड़के निर्माण में सस्ती व टिकाऊ वाली होंगी।
वर्तमान समय में बनाई जाने वाली सड़कें कुछ ही दिनों में खराब हो जाती हैं। सड़क के किनारे रहने वाले लोग अपने घर का पानी बाहर गिराते हैं। सड़कों पर जलभराव होने से मार्ग कुछ ही माह में ही गड्ढों में तब्दील हो जाते हैं। इसको देखते हुए इस बार केंद्र सरकार ने पीएमजीएसवाई से बनने वाली 27 सड़कों को एफडीआर तकनीक से बनाने के आदेश दिए हैं। इस पर करीब 200 करोड़ का खर्च आएगा। निर्माण में विदेशी केमिकल, सीमेंट सहित अन्य सामग्री से बनी सड़क पूर्ण रूप से इको फ्रेंडली होगी। निर्माण के बाद 10 वर्ष तक मार्ग चलेगा।
पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता एसके जैन ने बताया कि पांच सड़कों पर अभी काम शुरू कराया गया है। इसके लिए विशेष मशीनें मंगाई गई हैं। शुरुआत में 100 मीटर निर्माण कराया जा रहा है। इसकी टेस्टिंग कराने के बाद आगे निर्माण पूरा कराया जाएगा।
यह है एफडीआर तकनीक
एफडीआर तकनीक पूरी तरह से वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम पर आधारित है। निर्माण में तारकोल यानी डामर का प्रयोग नहीं होता है। पुरानी सड़क की गिट्टी समेत अन्य चीजों का इस्तेमाल दोबारा सड़क बनाने में किया जा रहा है। इस तकनीक में पुरानी सड़क को अत्याधुनिक मशीनों से तोड़ने के बाद सीमेंट और केमिकल डालकर बिना गिट्टी डाले सड़क बनाई जाती है। सामान्य तरीके से साढ़े पांच मीटर चौड़ी और एक किलोमीटर लंबी सड़क बनाने में 1.30 करोड़ का खर्च आता है जबकि इस तकनीक से सड़क बनाने में मात्र 98 लाख रुपये ही खर्च होंगे।
इन मार्गों पर शुरू हुआ काम
-सरोसी में हफीजाबाद मार्ग
-पुरवा-बिहार-केदारखेड़ा-भटोली मार्ग
-गंजमुरादाबाद-बरौंकी मार्ग
-मिर्जापुर काजीरोड सफीपुर
-अरेरुवा दौलतयारपुर नयाखेड़ा