बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के गांव ब्यौली इस्लामाबाद में संदिग्ध परिस्थितियों में युवक का शव गांव के बाहर एक पेड़ पर फंदे से लटका मिला। परिजनों की सूचना पर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उधर युवक की फुफेरी बहन पांच दिनों से लापता थी। वह भी बुधवार सुबह कालीमिट्टी के पास बेहोशी की हालत में मिली। लड़की के पिता का कहना है कि दोनों एक साथ पेपर देने निकले थे। उसके बाद से लड़की गायब थी और युवक का चाचा उसे लेकर चला गया था। मामला संदिग्ध होने से पुलिस जांच कर रही है।
बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के गांव ब्योली इस्लामाबाद निवासी अमित (20) पुत्र गुरुबक्श रैदास का शव बुध्वार सुबह गांव के बहार एक पेड़ पर फंदे से लटकता मिला। ग्रामीणों ने परिजनों को जानकारी दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। उसके बड़े भाई राघवेंद्र ने अपने फूफा रमेश निवासी जसरा सफीपुर को भाई की मौत का जिम्मेदार ठहराया है। राघवेंद्र का कहना है कि 17 अप्रैल को फूफा के घर से लौटने के बाद से वह परेशान था।
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वहीं सफीपुर के जसरा गांव निवासी युवक के फूफा का कहना है कि उसकी बेटी पूजा और अमित दोनों एमए की पढ़ाई कर रहे थे। 14 अप्रैल को अमित उनके घर आया था और 17 अप्रैल को दोनों परीक्षा देने के लिए एक साथ निकले थे। तब से बेटी घर नहीं आई है, जबकि अमित अपने घर चला गया। जिला अस्पताल में भर्ती पूजा ने बताया कि पेपर खत्म होने के बाद रास्ते में उसे अमित के चाचा मिले। वह अमित को तो साथ लेकर चले गए, लेकिन उसे कोल्डड्रिक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया और एक कोठरी में बंद रख। बुधवार सुबह वह वहां से भागी।
काली मिट्टी पहुंचने पर उसने पिता को जानकारी दी। तब पिता ने उसे लाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पीड़िता पूजा के पिता रमेश के मुताबिक उसने सफीपुर कोतवाली में बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पूजा का आरोप है कि अमित के परिजनों ने ही उसे मार दिया है। फिलहाल मामला संदिग्ध है। बांगरमऊ कोतवाली प्रभारी धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अभी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। केवल फांसी की तहरीर मिली है। सफीपुर कोतवाली प्रभारी हनुमान प्रसाद पांडेय ने बताया कि पूजा की गुुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज है और घटना की जांच की जा रही है।