उन्नाव। न्यायालय ने गैर इरादतन हत्या में दोषी पाए गए गांव के युवक और उसके दो बेटों को सात साल कारावास की सजा सुनाई है। सभी पर 10-10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के भग्गाखेड़ा गांव निवासी रामकिशन ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 19 अगस्त 2017 को पिता बुद्धीलाल घर के बाहर सो रहे थे। तभी गांव का नन्हके अपने बेटे प्रकाश और राकेश के साथ वहां आए और पिता को साथ लेकर चले गए। आरोपियों ने पुरानी रंजिश में पिता से मारपीट की। हालत गंभीर होने पर पिता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
बेटे की तहरीर के आधार पर पुलिस ने 20 अगस्त 2017 को आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन की धारा में रिपोर्ट दर्ज की थी। सभी आरोपियों को 25 अगस्त 2017 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। मुकदमे के विवेचक कमलेश्वर प्रसाद ने तीनों आरोपियों के खिलाफ पांच अक्तूबर 2017 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
मंगलवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई जिला जज की न्यायालय में पूरी हुई। इस दौरान दौरान अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल त्रिपाठी की दलील और साक्ष्य के आधार पर न्यायाधीश प्रतिमा श्रीवास्तव ने नन्हके, राकेश और प्रकाश को गैर इरादतन हत्या का दोषी मानकर सात साल के कारावास की सजा सुनाई है।