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जमीन हथियाने को जहर खिलाकर फेंका था

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बिछिया। धोखाधड़ी से जमीन का एग्रीमेंट कराकर अपहरण के बाद पूर्व विधायक के भतीजे को जहर खिला दिया गया था। इलाज के दौरान सात दिन बाद शनिवार सुबह उनकी एक नर्सिंगहोम में हुई मौत के बाद अचलगंज पुलिस ने एफआईआर में हत्या की धारा बढ़ाई है। हालांकि पहले ही पुलिस एक आरोपी को जेल भेज चुकी है।
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वर्ष 1977 में हसनगंज विधानसभा क्षेत्र (अब मोहान) से जनता पार्टी से विधायक रहे चंद्रपाल रावत के भतीजे अचलगंज थाना क्षेत्र के मद्दीखेड़ा के मजरा तारगांव निवासी 50 वर्षीय किसान शिव प्रसाद रावत की 25 जनवरी शनिवार की भोर पहर इलाज के दौरान शहर के कब्बाखेड़ा स्थित एक नर्सिंगहोम में मौत हो गई।
मृतक शिवप्रसाद रावत की पत्नी रीता के अनुसार उनके पति के नाम अचलंगज थाना क्षेत्र के दरोगाखेड़ा चौकी के पास मुख्य मार्ग पर एक बीघा जमीन है। कुछ माह पूर्व पड़ोस के गांव गढ़ी निवासी सरोज व उसके साथी ने इस जमीन को 20 लाख रुपये में खरीदने की बात कहकर एक लाख रुपया देकर अनुबंध कराया था। अनुबंध पत्र में सरोज ने छह लाख रुपये देने की बात दर्शा दी थी।
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जानकारी होने पर जब शिवप्रसाद ने रजिस्ट्री करने से मना कर दिया तो सरोज अपने साथी के साथ उसे बाइक में बैठाकर अपने साथ लेकर चले गए थे। 18 जनवरी को शिव प्रसाद, सदर कोतवाली क्षेत्र में दही चौकी के पास सड़क के किनारे बेहोश मिले थे। पुलिस ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। जहर से हालत बिगड़ने पर डाक्टरों ने हैलट रेफर कर दिया था। हैलट न ले जाकर उसे शहर के कब्बाखेड़ा स्थित एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया था। जहां शनिवार की सुबह उसकी मौत हो गई। पत्नी ने बेहोश मिलने पर थाना पुलिस को तहरीर देकर सरोज व उसके एक अन्य साथी पर पति को जहर खिलाने, जालसाजी से जमीन हड़पने का प्रयास और अपहरण करने का आरोप लगा रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने दो दिन बाद 21 जनवरी को आरोपी सरोज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। एसओ डीपी सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। आरोपी सरोज व उसके साथी पर दर्ज रिपोर्ट में हत्या की धाराएं बढ़ाई गई हैं। दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
चौकी व थाना पुलिस पर कई बार लौटाने का आरोप
मृतक शिवप्रसाद के बेटे राहुल ने आरोप लगाया कि पिता की जमीन को हड़पने की साजिश रचने वाले सरोज पर कार्रवाई को लेकर वह तीन बार दरोगाखेड़ा चौकी व एक बार थाने गया और शिकायती पत्र सौंपा। पुलिस ने मामले को गंभीरता से न लेकर जांच की बात कह उसे टरका दिया था। उसका आरोप है कि पुलिस ने गंभीरता बरती होती तो पिता जीवित होते।
मोहान विधायक का रिश्तेदार है मृतक
मृतक शिवप्रसाद मोहान विधायक ब्रजेश रावत के भाई रज्जनलाल के साढ़ू थे। 18 जनवरी को दही चौकी में शिवप्रसाद को बेहोश पड़ा देख परिचित के लोगों ने एसपी विक्रांतवीर को विधायक का रिश्तेदार बता सूचना दी थी। एसपी के निर्देश पर सीओ सिटी यादवेंद्र यादव व कोतवाल दिनेश चंद्र मिश्र जिला अस्पताल पहुंचे थे। हालांकि उनके पहुंचने से पहले डॉक्टर शिवप्रसाद को रेफर कर चुके थे।
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