मौरावां (उन्नाव)। निजी क्लीनिक संचालक के साथ हुई छह लाख की लूट की घटना का पुलिस ने आठ घंटे में खुलासा कर दिया। घटना के बाद सीसीटीवी और अन्य माध्यमों से हुई जांच में पता चला कि पीड़ित खुद आरोपी है। वह फैंटेसी गेमिंग एप में तीन से चार सालों में 17-18 लाख रुपये हार चुका है। जिन छह लाख रुपयों की लूट की बात कही जा रही थी वह उसके ससुर ने जमीन खरीदने के दिए थे। ससुर को यह पैसे वापस न करने पड़े और गेमिंग में हारने के बाद लिए गए कर्ज को अदा किया जा सके, इसके लिए फर्जी लूट की कहानी गढ़ दी। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
थानाक्षेत्र के गांव हीराखेड़ा निवासी निजी क्लीनिक संचालक पवन यादव ने शुक्रवार सुबह 11 बजे पुलिस को सूचना दी कि वह बैग में छह लाख रुपये बाइक से सरौली स्थित सेंट्रल बैंक में जमा करने जा रहे थे। कालूखेड़ा-उन्नाव मार्ग पर कुदरा गांव के पास पीछे से आए बाइक सवार दो युवकों ने बैट से पवन की पीठ पर वार कर दिया था। इससे बाइक अनियंत्रित होकर खंती में चली गई थी और लुटेरे बैग से रुपये लूटकर भाग निकले थे। यही नहीं पवन ने पुरानी रंजिश के चलते कुदरा गांव निवासी हरीकेश यादव और उनके बेटे शिवम और शुभम पर लूट और मारपीट की रिपोर्ट भी दर्ज करा दी। एसपी दीपक भूकर, एएसपी अखिलेश सिंह मौके ने थाने पहुंच पीड़ित से घटना की जानकारी ली थी। सीओ ऋषिकांत शुक्ला और एसओ चंद्रकांत सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था। एसपी ने पीड़ित से बता की तो उसने कुछ बिंदु ऐसे बताए जिससे मामला संदिग्ध लगा। जिसमें लुटेरे दो थे और रिपोर्ट तीन पर दर्ज कराई गई थी। लुटेरे बैग सहित रुपये न ले जाकर सिर्फ छह लाख ले गए। युवक के आने के रास्ते और लूट के बाद लुटेरों के जाने के रास्ते के पुलिस ने सीसीटीवी तलाशे तो हकीकत सामने आई। जिन लोगों पर लूट की रिपोर्ट दर्ज हुई थी वह गांव में मिले। पुलिस को पता चला कि पवन फैंटेसी गेमिंग एप में तीन से चार साल में 17-18 लाख रुपये हार चुका है। उसने कोडरा गांव निवासी अपने ससुर रामसहाय से जमीन खरीदने के नाम पर छह लाख रुपये लिए थे। वह रुपये उसे न लौटाने पड़े और गेमिंग में लिए कर्ज को चुकाया जा सके, इसके लिए उसने लूट की फर्जी सूचना देकर पुलिस को गुमराह किया।
सीओ ऋषिकांत शुक्ला ने बताया कि लूट की घटना फर्जी निकली है। आरोपी पवन से पूछताछ चल रही है। उसने अपने ससुर से छह लाख रुपये लिए थे। वह न वापस करना पड़े और उसकी उधारी निपट जाए इसलिए यह सजिश रच डाली। आरोपी पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
आरोपियों को बड़े मामले में फंसाने की थी तैयारी
पवन यादव प्राइवेट क्लीनिक चलाने के साथ जमीन खरीद फरोख्त का भी काम करता है। उसने जिन तीन लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी, उनसे तीन दिन पहले मारपीट हुई थी। मौरावां एसओ चंद्रकांत सिंह ने मुताबिक, तीन दिन पहले दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। थाने आने पर सभी की डॉक्टरी कराने के साथ तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। एक तरफ गेमिंग में लिया गया कर्जा कुछ हद तक निपट सके और आरोपी भी फंस जाएं, जिसके लिए उसने पूरी कहानी रच डाली।