Expulsion order of former bar association president postponed
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उन्नाव। बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष को नौ दिन पहले एसोसिएशन की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया था। जिस पर उन्होंने बार काउंसिल ऑफ उप्र के चेयरमैन के समक्ष अपना पक्ष रखा। निष्कासन बार काउंसिल की शर्तों के आधार पर न होने से निष्कासन आदेश स्थगित कर दिया गया।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दीप नारायण त्रिवेदी ने पूर्व अध्यक्ष सतीश शुक्ला पर आरोप लगाया था कि 3 फरवरी को अधिवक्ता मुकेश यादव प्रकरण में बार एसोसिएशन की सहमति के बिना ही पूर्व अध्यक्ष ने एसपी कार्यालय में धरना-प्रदर्शन दिया था। उन्होंने ज्ञापन में खुद को अध्यक्ष बार एसोसिएशन बताया था। आरोप था कि पूर्व में भी बांगरमऊ निवासी अधिवक्ता अश्वनी शुक्ल प्रकरण में भी सितंबर माह में बार एसोसिएशन से अलग हटकर कचहरी पुल के पास जाम लगाया था। इसी अनुशासनहीनता पर 9 फरवरी को उन्हें उन्नाव बार एसोसिएशन की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया था।
पूर्व अध्यक्ष सतीश शुक्ला ने बार काउंसिल ऑफ उप्र के चेयरमैन को प्रार्थनापत्र देकर बार काउंसिल के नियम व शर्तों को ध्यान में न रखने व अपने निष्कासन को गलत बताया था। इसपर काउंलि के चेयरमैन हरीशंकर सिंह ने पूर्व अध्यक्ष का निष्कासन आदेश स्थगगित कर दिया है। साथ ही बार एसोसिएशन अध्यक्ष को 1 मार्च को काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश के कार्यालय में अपना पत्र प्रस्तुत करने को कहा है। बार एसोसिएशन अध्यक्ष दीपनारायण त्रिवेदी ने बताया कि उन्हे 1 मार्च को बुलाया गया है। तब वह अपना पक्ष रखेंगे।