समग्र गांव नेवल में लगे जनता दरबार में मौजूद डीएम के सामने ग्रामीणों ने बिजली, पशु टीकाकरण, शौचालय आदि से संबंधित शिकायतों की झड़ी लगा दी।
गांव में विद्युतीकरण न कराए जाने की शिकायत पर डीएम ने एक्सईएन द्वितीय, पशुओं का टीकाकरण न होने पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और मातृ-शिशु कल्याण केंद्र में एक साल में एक भी प्रसव न होने पर सीएचसी प्रभारी को फटकार लगाई।
बांगरमऊ तहसील के गांव नेवल वर्ष 2013-14 में लोहिया समग्र गांव में चयनित किया गया था। इस गांव की आबादी तीन हजार है। शासन की योजनाओं का आम जनता को कितना लाभ मिला और गांव में हुए विकास कार्यों की मौजूदा स्थिति जांचने डीएम सौम्या अग्रवाल शुक्रवार को गांव पहुंची।
उन्होंनेे लोहिया समग्र ग्राम की योजनाओं की बिंदुवार जानकारी ली। ग्रामीणों ने गांव के दोनों मजरे हीरामनपुरवा तथा झल्लूखेड़ा के विद्युतीकरण न होने की जानकारी दी। डीएम ने एक्सईएन द्वितीय को फटकार लगाते हुए जून में विद्युतीकरण कराने के कड़े निर्देश दिए।
गांव के चयनित 353 शौचालयों में से कई शौचालयों का प्रयोग न होने पर बीडीओ को आड़े हाथों लिया। डीएम ने गांव की 14 में से चार सोलर लाइटों को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।
गांव के मातृ शिशु कल्याण केंद्र में एक वर्ष में कोई भी डिलीवरी न होने पर जिलाधिकारी ने बांगरमऊ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. पीके दोहरे को फटकार लगाई। इसके अलावा कई लोगों की खसरा-खतौनी में नाम दर्ज न होने पर दाखिल खारिज के लिए लेखपाल दिनेश को निर्देश दिए ।
झल्लूखेड़ा में पशुओं के टीकाकरण न करने की शिकायत पर डीएम ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीएन मिश्रा को आड़े हाथ लिया और 24 घंटे के अंदर सभी पशुओं का टीकाकरण करने के निर्देश दिए।
डीएम ने ग्रामीणों को बताया कि जिनके खेत उसर-बंजर हैं, उनका समतलीकरण कराकर मिट्टी को उपजाऊ बनाए। साथ ही जिप्सम का प्रयोग कर मृदा परीक्षण कराएं। किसान क्रेडिट कार्ड के जरिये बीमा योजना का किसान भरपूर लाभ उठा सकते हैं।
डीएम ने बैठक के दौरान लेखपाल दिनेश को निर्देश दिया कि गांव के सभी भूमिहीन ग्रामीणों की तत्काल सूची तैयार कर शनिवार को कैंप लगाकर भूमि आवंटित की जाए।
अपूर्ण शौचालय व आवासों को पूरा करने को सात दिन- जनता चौपाल के बाद डीएम ने गांव का भ्रमण किया। उन्होंने इंदिरा व लोहिया आवासों का स्थलीय निरीक्षण किया। शौचालयों और आवासों के अपूर्ण पाए जाने पर उन्होंने बीडीओ को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि एक सप्ताह में अधूरे निर्माण कार्य पूरे कर लिए जाए वरना रिकवरी को तैयार रहें।
दुरुस्त की गई थी व्यवस्थाएं- जिलाधिकारी के आने की सूचना मिलते ही बुधवार से ही नेवल गांव में अधिकारियों ने डेरा डाल लिया था। गांव स्थित मातृ शिशु कल्याण केंद्र का रंग रोगन कर उसे चमकाया गया था। इसके अलावा केंद्र परिसर में दबंगों के अतिक्रमण किए जाने पर उसे तुरंत हटवाया गया।
टूटी-फूटी सीसी मार्गों का लेपन कर दिया गया। जिलाधिकारी के स्थलीय निरीक्षण के दौरान ठेकेदार उनके इर्द-गिर्द मंडराते देखे गए।
नेवल के टीले देखने से डीएम ने किया इंकार- भंते बौद्ध भिक्षु नेवल में जिलाधिकारी के आने की भनक लगते ही गांव पहुंच गए। वह डीएम से मिलकर ऐतिहासिक टीले को बचाने के लिए गुहार करने वाले थे।
डीएम के पहुंचने पर टीले दिखाने का उन्होंने प्रस्ताव भी रखा था, लेकिन इन भंतों की कोई भी गुहार सुने बिना डीएम आगे बढ़ गई। जिलाधिकारी ने टीलों को देखने से स्पष्ट इंकार कर दिया।