उन्नाव। जरी और चिकन के कारोबार के फिर चमकने की उम्मीद बढ़ गई है। केंद्र और राज्य सरकार ने 2.24 करोड़ की लागत वाले कामन फैसिलिटेशन सेंटर को मंजूरी दी है। समाजसेवी जाहिरा बेग और उर्मिला यादव ने इसका प्रोजेक्ट बनाकर जिला उद्योग केंद्र को दिया था।
उन्नाव में शहर के मोहल्ला एबी नगर निवासी जाहिरा के जरदोजी और चिकन की कला को देश कई प्रदेशों में मांग है। उन्होंने अपने हुनर को से गरीब महिलाओं की मदद का बीड़ा उठाया और दोस्त उर्मिला यादव की मदद से जरी और चिकनकारी करने वाली महिलाओं के समूह बनाकर उन्हें जरदोजी, चिकन कढ़ाई और रंगरेज का प्रशिक्षण देकर स्वावलंबी बनाया लेकिन उनकी इस मेहनत का मोटा मुनाफा बिचौलिए कमाते हैं और उनके हिस्से में केवल तीन-चालीस रुपये प्रतिदिन की मजदूरी ही हाथ आती है। उन्होंने न्यू ब्राइट फ्यूचर सोसाइटी और उन्नाव जरदोजी क्लस्टर उत्थान समिति के नाम से स्वयं सहायता समूहों को एकजुट किया। दिल्ली, बनारस, लखनऊ, मुंबई, हैदराबाद, मुरादाबाद, कोलकाता, हरियाणा, पंजाब सहित सैकड़ों अन्य स्थानों पर हस्तशिल्प प्रदर्शनी में भाग लेकर महिला समूहों के उत्पाद दुनिया के सामने लाईं। 2008 में कलस्टर (कामन फैसिलिटेशन सेंटर) की स्थापना के प्रयास शुरू किए। सरकार ने 2.24 करोड़ की लागत से कामन फैसिलिटेशन सेंटर की स्थापना को मंजूरी देते हुए बजट स्वीकृत किया है। इस सेंटर में 250 स्वयं सहायता समूहों के 2500 लोग शामिल हैं जिनमें ज्यादातर महिलाएं हैं। कलस्टर की स्थापना के बाद पहले चरण में ही ढाई हजार महिलाओं को रोजगार मिलेगा। वह अपने उत्पाद को आनलाइन बाजार के जरिये दुनिया के किसी भी देश में बेंच सकेंगी।