छोटा चौराहा से अताउल्ला नाला तक 85 इमारतों के चिह्नित अनाधिकृत हिस्से पर बुलडोजर चलाकर गिराने का काम तीसरे दिन पूरा हो गया। अब जल्दी से मलबा उठाकर सड़क खाली करने का काम शुरू कर दिया गया है। लोगों के दुकान और मकानों के मलबे में नगर पालिका के ट्रैक्टर चालकों के लिए कमाई का जरिया बन गया है। मलबे को ट्रैक्टर ट्रालियों व डंपरों से उठवाया जा रहा है और यह भारी मात्रा में शहर से बाहर जा रहा है। पालिका अधिकारी मलबे को शहर स्थित बैंक मैदान में डलवाने की बात कह रहे हैं जबकि यहां पर गिनी-चुनी ट्राली ही मलबा नजर आ रहा है।
जिला प्रशासन के निर्देश पर नगर पालिका व तहसील अधिकारियों ने बीते गुरुवार से शहर के छोटा चौराहा से अताउल्ला नाला के बीच करीब 200 मीटर दायरे में सड़क के बीच से दोनों ओर 9-9 मीटर के दायरे में आने वाले मकानों-दुकानों व अन्य निर्माणों लगातार तीन दिन अभियान चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। शनिवार दोपहर बाद अवैध निर्माणों को गिराने के बाद मलबा उठाने का काम तेज कर दिया गया। लगातार तीन दिनों तक चले अभियान में सभी चिन्हित निर्माण गिरा दिए गए। सड़क पर फैला मलबा उठाने का काम नगर पालिका ने अभियान की शुरुआत के साथ ही मलबा उठाने का काम शुरू कर दिया गया था। शुक्रवार को इस काम में तेजी आई। मलबा उठाने के काम में पालिका की ओर से दर्जनों ट्रैक्टर ट्राली व डंपरों को लगवाया गया है। जो युद्धस्तर पर मलबा उठाने का काम कर रहे हैं। सूत्र बता रहे हैं कि ट्रैक्टर चालक व अन्य कर्मी यहां से निकल रहे मलबे को बैंक मैदान में एकत्र करने के बजाए प्रति ट्राली हजारों रुपये की वसूली हो रही है। लेकिन नगर पालिका ईओ उमेश कुमार मिश्रा का कहना है कि अधिकांश मलबा भवन स्वामी स्वयं उठवा रहे हैं। बाकी बैंक मैदान भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि देखवाया जाएगा अगर कोई गड़बड़ी करता मिला तो कार्रवाई की जाएगी।
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दोनों ओर बैरीकेडिंग तो भवन स्वामी कैसे उठा रहे मलबा
उन्नाव। स्थानीय लोगों ने कहा कि जब प्रशासन ने छोटा चौराहा से अताउल्ला नाला के दोनों ओर बैरीकेडिंग लगा रखी है तो फिर भवन स्वामी मलबा कैसे उठा लेंगे। कहा कि अगर वह लोग मलबा उठा भी रहे हैं तो वह इसे रखेंगे कहां जब उनके पास अपने घर ही नहीं बचे हैं।
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फोटो संख्या 28यूएनओपी-5, व 7
परिचय-छोटा चौराहा रोड पर खड़ी बहुमंजिली इमारत, इमारत को गिराती पोकलैंड मशीन।
एक इमारत को गिराने में हिम्मत हारे, 5100 रुपये इनाम पर माने
उन्नाव। चिह्नित मकानों में शामिल एक चार मंजिला इमारत को भवन स्वामी ने चिह्नित स्थान तक कटर से कटवा दिया था। अब इस बहुमंजिला इमारत को तोड़ने की हिम्मत किसी भी पोकलैंड व जेसीबी चालक ने नहीं दिखाई। अधिकारियों ने पहले तो दबाव बनाने का प्रयास किया, लेकिन फिर भी कोई चालक तैयार नहीं हुआ तो मान मनौवल शुरू की। नगर पालिका ईओ ने बिल्डिंग को गिराने वाले चालक को 5100 रुपये ईनाम का लालच दिया तब एक चालक तैयार हुआ। यहीं नहीं वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों ने पोकलैंड मशीन चालक को बढ़िया अग्रेजी शराब की बोतल भी देने का आश्वासन दिया। इसके बाद चालकों ने भवन के बगल में मलबे का टीला बनाकर इसे गिराना शुरू किया और कुछ देर में ही उसे भी जमींदोज कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि बिल्डिंग पीछे से कट चुकी थी इस कारण इसके सीधे गिरने का डर था।
डीएम से नुकसान के भरपाई की मांग
उन्नाव। विकास जरूरी है लेकिन व्यापार व व्यापारियों को चौपट करके विकास कैसे किया जा सकता है। लोगों के मकानों व दुकानों को बर्बाद कर किया जा रहा विकास कतई ठीक नहीं है। इसकी भरपाई होनी चाहिए। यह बातें पूर्व सांसद अन्नू टंडन ने कहीं। उन्होंने शनिवार को छोटा चौराहा के ध्वस्तीकरण अभियान में ध्वस्त हुये मकानों व दुकानों के नुकसान की भरपाई की मांग करते हुये कहा। पूर्व सांसद ने जिलाधिकारी से कहा कि विकास आवश्यक है लेकिन लोगों के घरों व दुकानों को बर्बाद करके किसके लिये विकास हो जा रहा है। उन्होंने कहा कि जरूरत इस बात की थी कि नगर पालिका की इतनी जमीन पड़ी है। ऐसे में उन जमीनों पर प्रशासन मार्केट या कांप्लेक्स बनाकर पहले इन दुकानदारों को स्थापित करता और फिर ध्वस्तीकरण करवाया जाता। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की कि मार्केट बनवाकर प्राथमिकता के आधार पर इन लोगों को दुकानें आवंटित की जाएं। ताकि बर्बाद हुए लोगों का व्यापार चल सके। इस पर डीएम ने दुकानदारों के हित में काम करने का आश्वासन दिया। उनके साथ प्रदेश महासचिव वीरप्रताप सिंह, अजय श्रीवास्तव, विश्वास निगम, अनूप कुमार मेहरोत्रा, संजय निगम, राज बहादुर सिंह भी मौजूद रहे।