असलहों से लैस आधा दर्जन नकाबपोश डकैतों ने एक घर में धावा बोलकर परिवार को अलग-अलग कमरों में बंधक बनाकर जेवर नगदी समेत एक लाख से अघिक का माल लूट लिया। डकैत सभी को कमरों में बंद करने के बाद मकान के बाहर की कुंडी लगाकर भाग निकले।
वारदात के वक्त गृहस्वामी का बेटा घर पर नहीं था। रात 11 बजे गृहस्वामी का पुत्र घर पहुंचा, तब घटना का पता चला। दहशत के चलते पीड़ित परिवार ने रातभर सहमा रहा। सुबह पीड़ित ने परिजनों को सूचना दी। सीओ और थानाध्यक्ष ने मौके पहुंचकर घटना की जांच की। पुलिस घटना का जल्द खुलासा करने की बात कह रही है।
असोहा थाना क्षेत्र के बरेला गांव निवासी सजीवन लाल लोधी के घर मंगलवार रात आठ बजे बोलेरो से आए आधा दर्जन बदमाशों ने धावा बोला।
बेटे विमल के एक निमंत्रण में जाने के बाद सजीवन लाल घर के बाहर बंधी भैंस को बरामदे में बांधने को जैसे ही दरवाजा खोलकर बाहर जाने लगा एक बोलेरो आकर रुकी और उससे उतरे असलहों से लैस छह नकाबपोश डकैतों ने उसे दबोच लिया और घर के भीतर घुस गए।
सजीवन लाल ने विरोध किया तो डकैतों ने तमंचे की बट से पीटना शुरू कर दिया। शोर सुनकर सजीवन लाल की पत्नी प्रेमवती और बहू आशा कमरे से बाहर आईं तो बदमाश उनका मुंह दबाकर उनके कमरे ले गए। बदमाशों ने जान से मारने की धमकी देते हुए अलमारी की चाबी मांगी।
सास-बहू की अलमारियों में रखे पांच हजार रुपये और सात लाख कीमत के सोने-चांदी के जेवर व अन्य कीमती सामान ले गए। बदमाशों ने सजीवन लाल के कपड़ों की तलाशी ली और जेब से एक हजार रुपये व मोबाइल फोन ले लिया।
परिवार का कोई सदस्य छत पहुंचकर शोर न मचाए, इसलिए उन्होंने छत को जाने वाले झीने के दरवाजे में ताला डाल दिया और सभी के कमरों की बाहर से कुंडी लगाने के बाद बाहर के दरवाजे की कुंडी लगाकर भाग निकले।
रात 11 बजे गृहस्वामी पुत्र विमल निमंत्रण से वापस घर लौटा तो दरवाजा बाहर बंद देखा भीतर पहुंचने पर पिता, मां व पत्नी ने घटना की जानकारी दी।
विमल ने गांव के लोगों को बताने का प्रयास किया, मगर दहशत के चलते परिजनों ने उसे ऐसा करने से रोक दिया। पीड़ित ने परिजनों को सूचना दी। पुरवा सीओ आरके चतुर्वेदी और असोहा थानाध्यक्ष मनोज सिंह घटना स्थल पहुंचे, परिजनों से घटना की जानकारी ली। थानाध्यक्ष मनोज सिंह ने बताया कि डकैती का अभियोग दर्ज कर जांच की जा रही है।
पुलिस को शक किसी ने की थी मुखबिर- उन्नाव। गृहस्वामी के बेटे विमल ने पुलिस को बताया कि रात पौने आठ बजे वह चाचा राजू के साथ बाइक से भल्ला फार्म में एक निमंत्रण के लिए जा रहा था।
रास्ते में मोहनीखेड़ा गांव के पास एक सफेद रंग की बोलेरो ने उसे क्रास किया था, उसके पिता ने भी सफेद रंग की बोलेरो से बदमाशों के आने की बताई। पुलिस का मानना है कि किसी नजदीकी ने बदमाशों की मुखबिरी की है। सीओ आरके चतुर्वेदी ने बताया कि विमल के घर से निकलने के तुरंत बाद बदमाशों का पहुंचना इस बात की ओर इशारा कर रहा है।
गांव के बाहर है मकान- उन्नाव। सजीवन लाल का मकान गांव से 100 मीटर बाहर जोगासरांय-बैरागर मार्ग पर स्थित है। आसपास कोई और मकान न होने से ग्रामीणों को घटना की जानकारी नहीं हो पाई।
सब्जी की खेती करते हैं पिता-पुत्र- उन्नाव। सजीवन लाल और उसका इकलौता बेटा विमल सब्जी की खेती करता है। एक साल पहले ही विमल की शादी हुई थी। डकैत अच्छी तरीके से जानते थे कि संपन्न परिवार है और सास-बहू के जेवर भी हैं।