कर्मचारियों के वाहन जुलूस को हरी झंडी दिखाते यूपी मेडिकल एंड हेल्थ मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष।
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इलाज में कैशलेस सुविधा प्रदान किए जाने, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पदों को मृत संवर्ग से हटाकर पुर्नजीवित करने और ग्रुप डी की बंद भर्तियों से रोक हटाने समेत अन्य मांगों पर लिखित सहमति बन जाने के बाद भी आदेश जारी न किए जाने के विरोध में सभी कर्मचारी बुधवार से तीन दिन के लिए हड़ताल पर जा रहे हैं। मंगलवार को राज्य कर्मचारियों ने हड़ताल को सफल बनाने के लिए परिषद के जिलाध्यक्ष उमानिवास वाजपेयी के नेतृत्व में सीएमओ कार्यालय से वाहन जुलूस निकाला गया।
जुलूस को यूपी मेडिकल एंड हेल्थ मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष प्रेम कुमार सिंह ने हरी झंडी दिखाई। तहसील, पशुपालन चिकित्सालय, आईटीआई, वाणिज्यकर, उद्यान, शिक्षा व कलेक्ट्रेट आदि होते हुए जुलूस विकास भवन पहुंचा। यहां हुई आमसभा में पदाधिकारियों ने कहा कि 10 से 12 अगस्त तक जिले के सभी कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। हड़ताल से आवश्यक सेवाएं मुक्त रहेंगी।
मंत्री फारुक मो. खान ने कहा कि सरकार मकान किराया भत्ता बढ़ाकर हड़ताल को रुकवाना चाहती है लेकिन पूर्व में लिखित आश्वासन के बाद भी शासनादेश जारी न करने पर सरकार की वादाखिलाफी को कर्मचारी अच्छी तरह से जानते हैं। वरिष्ठ उपाध्यक्ष डीपी सिंह, संप्रेक्षक आरसी कनौजिया, आरसी उपाध्याय, आरके सिंह, सूरज सिंह ने कहा कि जब तक मांगों का शासनादेश जारी नहीं होगा तब तक कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे।
बताया कि हड़ताल के पहले दिन से ही कर्मचारी नेताओं की टोली बनाकर कार्यालयों का भ्रमण करेंगे और हड़ताल का जायजा लेंगे। परिषद के नेताओं ने सभी संघों के पदाधिकारियों से अपील की कि वह बुधवार सुबह 9:30 बजे जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में एकत्रित हों। वाहन जुलूस में केशव सिंह, दिलीप कुमार अवस्थी, रामेश्वर भारती, कौशल किशोर, सुनील शर्मा, राधेश्याम शर्मा, हैदर हसन आदि शामिल रहे।